Edited By Ramanjot,Updated: 21 Aug, 2026 04:40 PM

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कालजयी आवाज ने पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया है और उड़िया संगीत व संस्कृति में उनका योगदान अतुलनीय है।
Pranab Patnaik passes away: ओडिशा के प्रसिद्ध और दिग्गज उड़िया पार्श्व गायक प्रणब पटनायक का शुक्रवार को भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे।
परिवार के सूत्रों के अनुसार, बीमार होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके परिवार में उनकी पत्नी कस्तूरी पटनायक और दो बेटे हैं। पांच दशकों से अधिक समय तक ओडिशा के संगीत और फिल्म उद्योग में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पटनायक ने 1958 में उड़िया फिल्म ‘मां' से अपने पार्श्व गायन करियर की शुरुआत की थी।
200 से अधिक उड़िया फिल्मों में दी आवाज
अपने विशिष्ट करियर के दौरान उन्होंने 200 से अधिक उड़िया फिल्मों में अपनी आवाज दी। माझी रे, मुं केउं सहारे और तुम गांव महुमाछी उनके सबसे लोकप्रिय गीतों में शामिल हैं। उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए सात बार ‘ओडिशा राज्य फिल्म पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें प्रतिष्ठित ‘जयदेव पुरस्कार' और‘ ओडिशा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार' से भी नवाजा गया था।
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने जताया शोक
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कालजयी आवाज ने पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया है और उड़िया संगीत व संस्कृति में उनका योगदान अतुलनीय है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक सहित कई गणमान्य व्यक्तियों और कलाकारों ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया और इसे राज्य की कला व सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।