Edited By Sahil Kumar,Updated: 31 Aug, 2026 05:39 PM

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आलोचना करते हुए इसे ''भाजपा के अहंकार और तानाशाही की पराकाष्ठा'' बताया।
जयपुरः राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आलोचना करते हुए इसे ''भाजपा के अहंकार और तानाशाही की पराकाष्ठा'' बताया।
गहलोत ने सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कथित तौर पर हुए छुआछूत के व्यवहार के खिलाफ राहुल गांधी द्वारा ''आवाज उठाने'' के कारण उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई दिखाती है कि भाजपा चाहती है कि दलितों के साथ छुआछूत और भेदभाव जारी रहे, जबकि इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को परेशान किया जाए और उन्हें निशाना बनाया जाए।
गहलोत ने कहा, ''कांग्रेस हमेशा छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ मजबूती से खड़ी रही है।'' उन्होंने संविधान में छुआछूत के उन्मूलन और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि दलितों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस सरकारों के दौरान कई कदम उठाए गए। गहलोत ने सवाल किया, ''भाजपा ने दलितों के हित में ऐसा कोई सार्थक कदम क्यों नहीं उठाया?
आरएसएस ने छुआछूत खत्म करने के लिए कभी कोई अभियान क्यों नहीं चलाया?'' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा न केवल दलितों के साथ होने वाले भेदभाव की अनदेखी करती है, बल्कि ''सक्रिय रूप से उसे संरक्षण और बढ़ावा'' भी देती है। गहलोत ने आरोप लगाया, ''पीड़ित को ही आरोपी बनाकर यह भाजपा सरकार खुले तौर पर संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों को कमजोर कर रही है।'' उन्होंने कहा कि खरगे, राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी दलितों के साथ मजबूती से खड़ी है और ''हर ऐसे अन्याय'' का विरोध करती रहेगी।