Edited By Rahul Singh,Updated: 05 Oct, 2026 07:03 PM

पुलिस ने बताया कि टेक्निकल सर्विलांस से पता चला कि लूट के समय दानिश घटना वाली जगह के आस-पास मौजूद था और वहाँ घूम रहा था। इसके बाद उसके साथियों अभिषेक, शाकिर, सुलेमान, अरुण और सुभाष की पहचान की गई।
नई दिल्ली : उत्तरी दिल्ली में 19.50 लाख रुपये नकद की कथित लूट के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि CCTV फुटेज, ANPR कैमरों और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों का पता दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगाया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर 'कूचा घासी राम' से ही पीड़ितों पर नजर रखी थी। इसके बाद उन्होंने रानी झांसी फ्लाईओवर के पास पीड़ितों को रोका और मारपीट करके नकदी लेकर भाग गए।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना 30 सितंबर को हुई थी, जब मुकेश और रामेश्वर अपने ऑफिस (पुरानी लाजपत राय मार्केट) से स्कूटर पर करीब 19.50 लाख रुपये लेकर करोल बाग जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, 'छत्ता रेल' पार करने के बाद, GPO के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ लोगों ने उन्हें रोका और सड़क पर झगड़े (रोड-रेज) के बहाने उनसे बहस करने लगे। मौके पर लोगों के जमा होने के बाद उन्होंने अपना इरादा छोड़ दिया और पीड़ित अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गए। हालांकि, आरोपियों ने कथित तौर पर उनका पीछा करना जारी रखा और रानी झांसी फ्लाईओवर पर उनकी स्कूटी को रोक लिया। पुलिस ने बताया कि चार-पांच लोगों ने कथित तौर पर पीड़ितों के साथ मारपीट की और नकदी से भरा बैग छीनकर भाग गए। इस मामले में 1 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई थी।
पुलिस ने बताया कि लूट के बाद CCTV फुटेज में छह लोग दो मोटरसाइकिलों पर पीड़ितों का पीछा करते हुए 'छत्ता रेल' इलाके से ISBT और तीस हजारी की ओर जाते दिखे। जांचकर्ताओं ने शिकायतकर्ता की दुकान के बाहर लगे CCTV फुटेज की भी जांच की और पाया कि दो संदिग्ध वहां मौजूद थे और बाद में उन्होंने मुकेश का 'कूचा घासी राम' से पीछा किया, जहां वह पेमेंट लेने गए थे। इसके बाद कई CCTV कैमरों और ANPR सिस्टम के जरिए मोटरसाइकिलों की आवाजाही को ट्रैक किया गया। पुलिस ने बताया कि एक मोटरसाइकिल की पहचान की गई और उसके मालिक का पता लगाने के लिए जांच की गई। शुरुआत में मोटरसाइकिल परवेज के नाम पर रजिस्टर थी, जिसने पुलिस को बताया कि उसने इसे अनस को बेच दिया था। पुलिस ने बताया कि बाद में इसे ओंकार को बेचा गया और आखिरकार यह आरोपी दानिश के पास पहुँच गई।
पुलिस ने बताया कि टेक्निकल सर्विलांस से पता चला कि लूट के समय दानिश घटना वाली जगह के आस-पास मौजूद था और वहाँ घूम रहा था। इसके बाद उसके साथियों अभिषेक, शाकिर, सुलेमान, अरुण और सुभाष की पहचान की गई। अभिषेक तिवारी (21), शाकिर (26), सुलेमान उर्फ शाहरुख (23) और अरुण (26) को 3 अक्टूबर को तब पकड़ा गया जब वे कथित तौर पर मनाली से दिल्ली लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि सुभाष कश्यप (26), जिसकी दूसरी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कथित तौर पर अपराध में किया गया था, उसे भी पकड़ लिया गया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि चांदनी चौक इलाके में काम करने वाले बृज को शिकायतकर्ता के ऑफिस से कैश ले जाने के बारे में पता था और उसने लूट को अंजाम देने के लिए अभिषेक के साथ मिलकर साजिश रची थी। जांच के अनुसार, बृज ने कथित तौर पर पीड़ितों पर नजर रखने के लिए अमन और पिंटू का इंतजाम किया था। दोनों ने कथित तौर पर कूचा घासी राम से मुकेश का पीछा किया और उसके आने-जाने की जानकारी अपने साथियों को दी। पुलिस ने बताया कि बाद में उन्होंने सिस गंज गुरुद्वारे के पास अरुण और अभिषेक को उसकी पहचान कराई और पुरानी लाजपत राय मार्केट की तरफ उसका पीछा करते रहे।
आरोपियों ने कथित तौर पर कश्मीरी गेट के पास पीड़ितों को रोकने की नाकाम कोशिश की और फिर रानी झांसी फ्लाईओवर की तरफ उनका पीछा किया, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर लूट को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि अपराध के बाद आरोपी सदर बाजार और पहाड़गंज के रास्ते भाग गए और लूटा हुआ कैश आपस में बांट लिया। सुभाष को छोड़कर पकड़े गए आरोपी कथित तौर पर मनाली गए और चोरी के पैसे का कुछ हिस्सा खर्च किया, जबकि अमन और पिंटू नैनीताल की तरफ भाग गए। पुलिस ने लूटे गए कैश में से 9.90 लाख रुपये और लगभग 1 लाख रुपये कीमत का iPhone 17 Pro बरामद किया, जिसे कथित तौर पर चोरी के पैसे से खरीदा गया था। पुलिस ने बताया कि बाकी आरोपियों - जिनमें बृज, अमन, पिंटू और दानिश शामिल हैं - को पकड़ने, लूटे गए बाकी पैसे बरामद करने और कथित साजिश में शामिल हर सदस्य की भूमिका का पूरा पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों का पता लगाने और अपराध से मिली बाकी रकम बरामद करने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में टीमें भेजी गई हैं।