Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Jul, 2026 12:01 PM

Alcoholic Beverages: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने शराब में अतिरिक्त फ्लेवर मिलाने और उम्र से जुड़े गुमराह करने वाले दावों के नियमों का पालन नहीं...
Alcoholic Beverages: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने शराब में अतिरिक्त फ्लेवर मिलाने और उम्र से जुड़े गुमराह करने वाले दावों के नियमों का पालन नहीं किया। शराब बनाने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को निर्देश दिया गया है कि वे स्पष्टीकरण दें कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
रेगुलेटर ने पाया है कि कुछ ब्रांड रम, ब्रांडी, व्हिस्की, जिन, वाइन और बीयर जैसे उत्पादों में सीधे फ्लेवर मिला रहे थे। यह उस नियम का उल्लंघन है जिसके अनुसार इन ड्रिंक्स में केवल उनका असली, प्राकृतिक स्वाद और खुशबू होनी चाहिए।
खबरों के अनुसार, निर्माता उम्र बताने के लिए भ्रामक शब्दों और अप्रत्यक्ष तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो नियमों के अनुरूप नहीं हैं। नियमों के अनुसार, लेबल पर बताई गई उम्र का मतलब सख्ती से उस सबसे कम उम्र की स्पिरिट (शराब) से होना चाहिए जिसका इस्तेमाल मिश्रण में किया गया है।
FSSAI ने कुछ बड़े बेवरेज ब्रांड्स को भी गलत ब्रांडिंग और भ्रामक दावों को लेकर नोटिस भेजे हैं। इनमें Red Bull Energy Drink, PepsiCo के कुछ एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स, Reliance Consumer Products का Campa Energy, Coca-Cola से जुड़े Monster Energy और Hell Energy जैसे नाम शामिल हैं। रेगुलेटर का कहना है कि Energy Drink जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर अभी कोई अलग मानक तय नहीं किया गया है। इसके बावजूद कई कंपनियां अपने उत्पादों की पैकेजिंग, लेबल और ऑनलाइन बिक्री प्लेटफॉर्म पर इस तरह के दावे कर रही हैं।
FSSAI ने कहा है कि FSS एक्ट 2006 और उसके तहत बने नियमों और कानूनों के तहत खाद्य उत्पादों के लिए ऐसे दावे करना मंज़ूर नहीं है जिनसे शरीर और दिमाग को स्फूर्ति देने, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा का स्तर बढ़ाने, सामान्य कमज़ोरी या ऐसी ही स्थितियों में मदद मिलने जैसी बातें कही जाती हों।