Edited By Radhika,Updated: 03 Jul, 2026 05:12 PM

देशभर के युवाओं द्वारा एनर्जी ड्रिंक्स काफी पसंद किए जाते हैं। स्कूली बच्चों में भी इन ड्रिंक्स का क्रेज देखा गया है। ऐसे में बच्चों को इस लत से बचाने के लिए अब सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां सख्त रुख अपना रही हैं। इसी तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार ने एक...
Energy Drink Ban near Schools: देशभर के युवाओं द्वारा एनर्जी ड्रिंक्स काफी पसंद किए जाते हैं। स्कूली बच्चों में भी इन ड्रिंक्स का क्रेज देखा गया है। ऐसे में बच्चों को इस लत से बचाने के लिए अब सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां सख्त रुख अपना रही हैं। इसी तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी स्कूलों के 500m के दायरे में Sting Energy drink की सेल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस पर FASSI का कहना है कि इन उत्पादों के लेबल पर 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द का इस्तेमाल करना उपभोक्ताओं को गुमराह करने जैसा है। इसके अलावा FASSI द्वारा रेड बुल, पेप्सिको इंडिया और कैम्पा जैसे बड़े ब्रांड्स को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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शरीर के इन अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं ये ड्रिंक्स
एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार रोजाना एनर्जी ड्रिंक पीने से या फिर इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से आपके शरीर पर काफी बुरा असर पड़ता है। जैसे- इसमें मौजूद अत्यधिक कैफीन और शुगर के कारण हार्ट बीट अचानक से तेज हो सकती है। इसके ज्यादा सेवन से किडनी अचानक खराब हो सकती है। तीसरा नुक्सान यह है कि भारी मात्रा में चीनी होने के कारण यह दांतों के सड़ने, वजन बढ़ने और टाइप-2 डायबिटीज का मुख्य कारण बन रही हैं। इतना ही नहीं इसके अलावा कुछ अन्य समस्याएं जैसे घबराहट होना, पेट की खराबी, अनिद्रा (नींद न आना) और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) आदि भी पैदा हो सकती हैं।
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क्यों लग जाती है इन ड्रिंक्स की लत?
दिल्ली के एक मेडिकल कॉलेज के Medical Superintendent का कहना है कि स्कूली बच्चे और किशोर इन्हें महज एक शौक या तुरंत ऊर्जा पाने का जरिया मानकर पीते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है।
एनर्जी ड्रिंक के सेहतमंद और प्राकृतिक ऑप्शन हैं ये
डॉक्टरों की सलाह के अनुसार बच्चों को इन एनर्जी ड्रिंक्स को छोड़कर प्राकृतिक ऑप्शन जैसे- नारियल पानी, नींबू पानी,छाछ और ग्रीन-टी अपनानी चाहिए।