Edited By Pardeep,Updated: 24 Mar, 2026 06:24 AM

देशभर में शादी-विवाह का सीजन चल रहा है, लेकिन इस बार दावतों का स्वाद और तरीका दोनों बदलते नजर आ रहे हैं।
नेशनल डेस्कः देशभर में शादी-विवाह का सीजन चल रहा है, लेकिन इस बार दावतों का स्वाद और तरीका दोनों बदलते नजर आ रहे हैं। ईरान-इजराइल तनाव के बीच कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत देखने को मिल रही है। कई जगह समय पर गैस नहीं मिल रही साथ ही कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और इसका सीधा असर कैटरिंग और बैंक्वेट हॉल के कारोबार पर पड़ा है।
अब कोयले और चूल्हे का सहारा
गैस की कमी के कारण कैटरर्स को कोयले की सिगड़ी और ईंट के चूल्हे का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। यानी आधुनिक किचन से फिर पुराने तरीके की ओर वापसी हो रही है।
कोयला भी हुआ महंगा
हालांकि, यह विकल्प भी आसान नहीं है। कोयले के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। कई मामलों में यह गैस से भी महंगा पड़ रहा है।
खाना बनने में लग रहा ज्यादा समय
कैटरर्स के अनुसार जो चावल गैस पर 10–15 मिनट में बनते थे अब कोयले पर बनने में 1 से 1.5 घंटे लग रहे हैं। इससे शादी समारोह की पूरी टाइमिंग प्रभावित हो रही है।
लाइव काउंटर पर असर
इस बदलाव का असर खासकर चाइनीज काउंटर, रोटी और तंदूरी आइटम पर पड़ रहा है। क्योंकि इन्हें तुरंत और तेज आंच की जरूरत होती है।
कारोबार पर भी पड़ा असर
- कैटरर्स की लागत बढ़ गई है
- ऑर्डर पूरे करने में देरी हो रही है
- कई जगह मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है