Edited By Anu Malhotra,Updated: 24 Mar, 2026 07:42 AM

दुनियाभर में बढ़ते तनाव और तेल संकट की आहट के बीच भारतीय रसोई के लिए एक सुकून भरी खबर सामने आई है। अगर आप भी इस डर में थे कि आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ेंगी, तो अपनी चिंता छोड़ दीजिए। ताजा सरकारी आंकड़े गवाही दे रहे हैं...
नेशनल डेस्क: दुनियाभर में गहराते ऊर्जा संकट और युद्ध की आहट के बीच, भारत सरकार ने एक ऐसा 'मास्टरस्ट्रोक' खेला है जिसने न केवल आम आदमी की रसोई को सुरक्षित कर दिया है। अगर आप भी इस डर में थे कि आने वाले दिनों में gas cylinder के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ेंगी, तो अपनी चिंता छोड़ दीजिए। ताजा सरकारी आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि भारत ने न केवल ऊर्जा के मोर्चे पर खुद को सुरक्षित कर लिया है, बल्कि अब हम पारंपरिक सिलेंडरों से आगे बढ़कर पाइप वाली गैस (PNG) की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। अकेले मार्च के शुरुआती 20 दिनों में साढ़े तीन लाख से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन जारी करना इस बात का सबूत है कि सरकार अब हर घर तक सीधी गैस सप्लाई पहुंचाने के मिशन पर है।
मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए सरकार ने एक बहुत ही सधा हुआ कदम उठाया है। एक तरफ जहां घरेलू एलपीजी की डिलीवरी को पूरी तरह सामान्य रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ कमर्शियल इस्तेमाल के लिए भी सप्लाई में ढील दी गई है। खास बात यह है कि जो राज्य अपने यहां PNG नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए 'Ease of Doing Business' के तहत नियमों को आसान बनाएंगे, उन्हें सरकार की तरफ से कमर्शियल गैस का अतिरिक्त कोटा भी मिलेगा। इसका सीधा फायदा उन दुकानदारों और कारोबारियों को होगा जो अब तक महंगे सिलेंडरों पर निर्भर थे।
तेल कंपनियों और रिफाइनरियों से जो इनपुट मिल रहे हैं, वे बेहद उत्साहजनक हैं। देश की रिफाइनरियां इस समय अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। यही वजह है कि घरेलू गैस का उत्पादन संकट की सुगबुगाहट से पहले के मुकाबले और भी बढ़ गया है।
सरकार की रणनीति साफ है:- आम आदमी की रसोई और सीएनजी गाड़ियों को प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि, उद्योगों के लिए इसे थोड़ा सीमित जरूर किया गया है, लेकिन वहां भी पीएनजी अपनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
अंततः, सरकार और तेल कंपनियों का संदेश स्पष्ट है कि Panic Booking की कोई जरूरत नहीं है। भारत न केवल अमेरिका और रूस जैसे देशों से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि हमारे टैंकर सुरक्षित रूप से बंदरगाहों तक पहुंच रहे हैं। अब भविष्य की तैयारी सिर्फ सिलेंडरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के बड़े शहरों में 'गैस एटीएम' और हर घर तक पाइप लाइन पहुंचाने की है, ताकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय हलचल का असर आपकी चाय की प्याली या खाने की थाली पर न पड़े।