Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Feb, 2026 01:24 PM

केंद्र सरकार 15 फरवरी 2026 से पासपोर्ट को लेकर नए नियम लागू करने जा रही है। इन नए नियमों का असर 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट पर भी होगा।
नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार 15 फरवरी 2026 से पासपोर्ट को लेकर नए नियम लागू करने जा रही है। इन नए नियमों का असर 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट पर भी होगा। हालांकि अभी तक पूरी तरह से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सरकार की योजना और बदलाव के संकेत चर्चा में हैं।
बच्चों के पासपोर्ट प्रक्रिया में आसान बदलाव
जानकारी के अनुसार 18 साल से कम उम्र के बच्चों, किशोरों और नवजातों के पासपोर्ट से जुड़े नियम में बदलाव हो सकता है। नए नियम के अनुसार माता-पिता की सहमति और पहचान से जुड़े दस्तावेज अब ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। इससे पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया सरल और तेज होगी और लोगों को बार-बार पासपोर्ट कार्यालय जाकर दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्कूल आईडी या बर्थ सर्टिफिकेट जैसी जरूरी जानकारी अब डिजिटल रूप से जमा कराई जा सकेगी, जिससे आवेदन घर बैठे पूरी की जा सकेगी।
18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पासपोर्ट नियम
भारत में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनवाया गया पासपोर्ट पांच साल के लिए वैध होता है। इसके लिए माता-पिता दोनों का पासपोर्ट, बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और निवास प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है। माता-पिता की सहमति के लिए Annexure-H फॉर्म भरना आवश्यक होता है। 18 साल की उम्र पूरी होने पर व्यस्क पासपोर्ट के लिए अलग आवेदन करना होता है। सिंगल पैरेंट होने की स्थिति में माता-पिता के निधन या तलाक के दस्तावेजों के साथ Annexure-C फॉर्म जमा करना होता है। 1 अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए बर्थ सर्टिफिकेट ही उम्र का प्रमाण पत्र माना जाएगा।
ऑनलाइन फॉर्म और अपॉइंटमेंट अनिवार्य
18 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना और पासपोर्ट सेवा केंद्र में अपॉइंटमेंट लेना जरूरी है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए केवल फोटो की आवश्यकता होती है और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती। हालांकि इस उम्र के बच्चों को भी अपने माता-पिता के साथ पासपोर्ट सेवा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है। नए नियमों के लागू होने के बाद बच्चों और उनके माता-पिता के लिए पासपोर्ट बनवाना पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।