Gold Price: सोने की कीमतों में आने वाला है 'महा-उछाल', 2026 में 2 लाख के पार जाएगा Gold, ये हैं 4 बड़ी वजहें

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 04:41 PM

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केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती इस तेजी के मुख्य कारण होंगे। सप्लाई सीमित होने और एशियाई बाजारों में मांग बढ़ने से गोल्ड में बड़े उछाल के संकेत हैं।

Gold Price Prediction: अगर आप आभूषण खरीदने या सोने में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो वैश्विक बाजारों से बड़े संकेत मिल रहे हैं। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म यूबीएस (UBS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सोना साल 2026 में एक 'ऐतिहासिक छलांग' लगाने के लिए तैयार है। वैश्विक तनाव, केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी और ब्याज दरों में कटौती जैसे कारक सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। 

UBS का बड़ा अनुमान: 6,200 डॉलर का आंकड़ा होगा पार 

यूबीएस के विश्लेषण के मुताबिक, मिड-2026 तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है। भारतीय मुद्रा में इसकी गणना की जाए, तो यह ₹1,98,484 प्रति 10 ग्राम के करीब बैठता है। हालांकि, साल के अंत तक मामूली गिरावट (कंसोलिडेशन) के साथ यह 5,900 डॉलर पर स्थिर हो सकता है। 

कीमतों में तेजी के 4 मुख्य कारण 

1. केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी: 

यूबीएस के अनुसार, साल 2025 में केंद्रीय बैंकों ने 863 मीट्रिक टन सोना खरीदा था, जो 2026 में बढ़कर 950 टन तक पहुंचने का अनुमान है। साथ ही, गोल्ड ETF में 825 टन के निवेश की संभावना है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक मांग पहली बार 5,000 मीट्रिक टन के पार निकल गई है। 

2. जियोपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) तनाव: 

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर धकेला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई चेतावनी और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की बढ़ती तैनाती से बाजार में अनिश्चितता है। ऐसे माहौल में सोना हमेशा निवेशकों की पहली पसंद रहता है। 

3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ढील: 

यूबीएस का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला जारी रहेगा। सितंबर 2026 तक 25-25 बेसिस पॉइंट की दो और कटौती संभव है। कमजोर डॉलर और घटती रियल यील्ड सीधे तौर पर सोने की कीमतों को 'बूस्ट' देती हैं। 

4. मांग और आपूर्ति का अंतर: 

एशियाई देशों में बढ़ती आय के कारण आभूषणों की मांग बढ़ रही है, जबकि सोने की आपूर्ति स्थिर है। 'वुड मैकेंजी' का अनुमान है कि 2028 तक दुनिया की 80 प्रमुख खदानें अपना मौजूदा उत्पादन पूरा कर लेंगी, जिससे नई सप्लाई में कमी आएगी। 

निवेशकों के लिए क्या है संकेत? 

वर्तमान में सोना लगभग 5,035 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। यूबीएस की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि मजबूत मांग, सीमित सप्लाई और वैश्विक अस्थिरता के कारण 2026 सोने के निवेशकों के लिए एक शानदार साल साबित हो सकता है।

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