Gold Silver Rate: रिकॉर्ड हाई से आधी हुई चांदी की कीमत, सोना 22% से ज्यादा टूटा, एक्सपर्ट्स ने कहा आएगी बड़ी गिरावट

Edited By Updated: 08 Feb, 2026 07:56 PM

gold silver and copper prices fall sharply causing panic among investors

कीमती धातुओं के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 29 जनवरी को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में तेज गिरावट आई है। आठ दिनों में सोना करीब 23 फीसदी, चांदी लगभग 46 फीसदी और कॉपर 18 फीसदी टूट चुका है। मजबूत...

नेशनल डेस्कः कीमती धातुओं के बाजार में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है। हालात ऐसे हैं कि ज्वेलर्स से लेकर ट्रेडर्स तक, हर किसी के पास एक ही तरह के सवाल पहुंच रहे हैं—क्या मौजूदा गिरावट और गहरी होगी, क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए या फिर पहले से खरीदी गई धातुओं को बेच देना बेहतर रहेगा? पिछले साल शानदार रिटर्न देने वाली इन धातुओं ने 2026 की शुरुआत में भी तेजी दिखाई थी, लेकिन जनवरी के आखिर में तस्वीर अचानक बदल गई। जेपी मॉर्गन के निवेश बैंकरों ने चेताया है कि चांदी के ऊंचे वैल्यूएशन के चलते तनावपूर्ण हालात में कीमतों में और बड़ी गिरावट देखी जा सकती है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलन की शुरुआत

29 जनवरी 2026 को सोना, चांदी और कॉपर ने अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ। एमसीएक्स पर सोना 1.93 लाख रुपये प्रति ग्राम, चांदी 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और कॉपर 1480 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया था। पिछले एक साल में सोने ने करीब 70 फीसदी, चांदी ने लगभग 170 फीसदी और कॉपर ने 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया था। खासतौर पर चांदी में तेजी इतनी तेज थी कि 2 लाख से 3 लाख रुपये तक पहुंचने में जहां एक महीना लगा, वहीं 3 लाख से 4 लाख रुपये तक का सफर सिर्फ 10 दिनों में पूरा हो गया।

तीन दिन में भारी गिरावट

29 जनवरी की रात के बाद से ही बाजार का रुख पलट गया। अगले तीन कारोबारी सत्रों में सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस अचानक आई गिरावट से बाजार में हलचल मच गई। हालांकि, 2 फरवरी को कीमतों में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन यह तेजी टिक नहीं पाई और धातुएं अपने पुराने ऊंचे स्तर तक नहीं पहुंच सकीं।

आठ दिन में तस्वीर पूरी तरह बदली

महज आठ दिनों के भीतर कीमती धातुओं के बाजार की पूरी कहानी बदल गई। 29 जनवरी के शिखर से फिसलते हुए सोना 1.40 लाख रुपये के नीचे आ गया, चांदी गिरकर करीब 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई और कॉपर 1156 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट गया। शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपये, चांदी 2.49 लाख रुपये और कॉपर 1242 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सोना 1.49 लाख, चांदी 2.29 लाख और कॉपर 1213 रुपये तक भी फिसल गया था। इस पूरे दौर में सोने में करीब 23 फीसदी, चांदी में लगभग 46 फीसदी और कॉपर में करीब 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

गिरावट की बड़ी वजहें क्या हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मुनाफावसूली है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने तेजी से प्रॉफिट बुकिंग की, जिससे दबाव बना। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन की नियुक्ति ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। डॉलर मजबूत होने से डॉलर में कारोबार होने वाली कमोडिटीज अन्य देशों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग घटती है। वहीं, एमसीएक्स द्वारा कीमती धातुओं के कॉन्ट्रैक्ट्स पर मार्जिन बढ़ाए जाने से भी सट्टेबाजी कम हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ा।

निवेशकों के लिए आगे की राह

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी में आई तेज गिरावट ने इसके ऊंचे मूल्यांकन और ज्यादा अस्थिरता को फिर से उजागर कर दिया है। हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से चांदी की औद्योगिक मांग और बुनियादी कारक अब भी मजबूत बताए जा रहे हैं। जेपी मॉर्गन के निवेश बैंकरों ने चेताया है कि चांदी के ऊंचे वैल्यूएशन के चलते तनावपूर्ण हालात में कीमतों में और बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि आने वाले समय में कीमतों में स्थिरता लौट सकती है और अगले साल रिकवरी की संभावना बन सकती है।

मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निवेशक एकमुश्त निवेश करने से बचें और चरणबद्ध तरीके से निवेश करें। पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन के अनुसार, जब तक बाजार में स्थिरता के संकेत साफ न दिखें, तब तक कीमती धातुओं में नई पोजिशन लेने से बचना बेहतर होगा।

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