Gold/Silver Price Crash: 24 घंटे में ₹85,000 टूटी चांदी, सोना ₹25,000 सस्ता, गिरावट के ये हैं 3 बड़े कारण

Edited By Updated: 31 Jan, 2026 09:24 AM

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गुरुवार को चांदी ने ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम का जादुई आंकड़ा छूकर सबको चौंका दिया था, लेकिन महज 24 घंटों के भीतर इसमें ₹85,000 की भारी सेंध लग गई। मार्च वायदा चांदी शुक्रवार दोपहर तक लुढ़ककर ₹3.35 लाख के स्तर पर आ गई। स्थानीय सर्राफा बाजार में भी...

नई दिल्ली: बीते कुछ समय से रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे कीमती धातुओं के बाजार में शुक्रवार को एक बड़ा 'हार्ट अटैक' देखने को मिला। सोने और चांदी की कीमतों ने जहां गुरुवार को आसमान छूते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए थे, वहीं शुक्रवार को मुनाफावसूली की ऐसी आंधी चली कि सारा मुनाफा मिट्टी में मिल गया।  गुरुवार को चांदी ने ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम का जादुई आंकड़ा छूकर सबको चौंका दिया था, लेकिन महज 24 घंटों के भीतर इसमें ₹85,000 की भारी सेंध लग गई। मार्च वायदा चांदी शुक्रवार दोपहर तक लुढ़ककर ₹3.35 लाख के स्तर पर आ गई। स्थानीय सर्राफा बाजार में भी स्थिति जुदा नहीं थी। दिल्ली में चांदी की कीमतें ₹20,000 (लगभग 5%) गिरकर ₹3,84,500 प्रति किलो पर आ गईं, जबकि एक दिन पहले ही यह ₹4.04 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर थी।

सोने के भाव में 'क्रैश': ₹1.93 लाख से सीधे ₹1.67 लाख पर लैंडिंग
सोने की कीमतों में आई गिरावट ने छोटे खरीदारों को तो राहत दी, लेकिन ऊंचे भाव पर दांव लगाने वाले निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। सोना ₹1,93,096 के अपने उच्चतम स्तर से अचानक ₹25,500 नीचे गिरकर ₹1,67,406 प्रति 10 ग्राम तक आ गया। राजधानी दिल्ली के बाजार में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹14,000 की बड़ी गिरावट के साथ ₹1,69,000 पर बंद हुआ।

गिरावट के 3 मुख्य कारण: क्यों टूटा बाजार?
बाजार विशेषज्ञों और एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के अनुसार, इस महा-गिरावट के पीछे तीन बड़े ट्रिगर्स रहे:

संस्थागत मुनाफावसूली: बड़े संस्थागत निवेशकों ने लंबे समय से चल रही तेजी का फायदा उठाते हुए भारी बिकवाली की। जब कीमतें अपने शिखर पर थीं, तब बड़े प्लेयर्स ने अपना पैसा निकालना शुरू किया, जिससे कीमतों को सहारा देने वाला कोई नहीं बचा।

डॉलर की मजबूती: वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में सुधार होने से सोने और चांदी जैसी संपत्तियों पर दबाव बढ़ गया। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो कीमती धातुओं की मांग में कमी आती है।

डोनाल्ड ट्रंप और 'वार्श' फैक्टर: अमेरिका में केविन वार्श को फेडरल रिजर्व का अगला प्रमुख नामित किए जाने की खबर ने अनिश्चितता पैदा कर दी है। निवेशकों को डर है कि नया नेतृत्व ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है, जिससे बाजार 'रिस्क-ऑफ' मोड में चला गया।

ग्लोबल मार्केट का हाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मची हाहाकार
भारतीय बाजारों की तरह वैश्विक मंच पर भी सोना-चांदी पस्त नजर आए:

हाजिर सोना: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 285 डॉलर टूटकर 5,087 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सत्र के दौरान इसने $4,945 का निचला स्तर भी छुआ, जो पिछले दिन के $5,595 के उच्च स्तर से बहुत दूर है।

हाजिर चांदी: चांदी में तो 12% से ज्यादा की गिरावट आई और यह $101.47 प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

विशेषज्ञों की राय: इनक्रेड मनी के सीईओ विजय कुप्पा का मानना है कि चूंकि तेजी के दौरान कोई मजबूत 'सपोर्ट लेवल' नहीं बना था, इसलिए गिरावट इतनी तेज और गहरी रही। तकनीकी रूप से बाजार 'ओवरबॉट' जोन में था, जहां सुधार (Correction) होना तय था।

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