Edited By Mehak,Updated: 31 Jan, 2026 01:49 PM

सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिली है। एक ही दिन में चांदी ₹1,07,971 प्रति किलो सस्ती हुई, जबकि सोना 10 ग्राम पर ₹33,113 गिर गया। विशेषज्ञों के अनुसार मुनाफावसूली, अमेरिकी डॉलर में मजबूती, ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि और वैश्विक...
नेशनल डेस्क : सोना और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एक ही कारोबारी दिन में जहां चांदी के दाम में एक लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट आई, वहीं सोना भी 10 ग्राम पर 33 हजार रुपये से अधिक सस्ता हो गया। यह गिरावट न केवल वायदा बाजार में, बल्कि घरेलू बाजार में भी दर्ज की गई है। विशेषज्ञ पहले ही संकेत दे रहे थे कि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है, और अब वही आशंका सच साबित होती दिख रही है।
एक दिन में टूट गया चांदी का रिकॉर्ड
चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर गुरुवार को चांदी ने तेज उछाल के साथ नया रिकॉर्ड बनाया था और भाव 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए थे। हालांकि, शुक्रवार को बाजार बंद होने तक मार्च एक्सपायरी वाली चांदी की कीमत तेजी से गिरकर करीब 2.92 लाख रुपये प्रति किलो रह गई। यानी एक ही दिन में चांदी करीब 1.08 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।
ऊंचाई से फिसली चांदी
गुरुवार को चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई छुआ था, लेकिन इसके बाद बिकवाली इतनी तेज हुई कि महज एक दिन में कीमतें 1.28 लाख रुपये से ज्यादा टूट गईं। इस अचानक गिरावट ने उन निवेशकों को नुकसान में डाल दिया, जो ऊंचे स्तर पर खरीदारी कर चुके थे।
सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई। MCX पर अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने का भाव गुरुवार को करीब 1.84 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो शुक्रवार को गिरकर लगभग 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी एक कारोबारी दिन में ही सोना 33 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया। अगर सोने के रिकॉर्ड स्तर की बात करें, तो गुरुवार को ही सोना करीब 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था। वहां से देखें तो सोने की कीमत में करीब 42 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आ चुकी है।
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण मुनाफावसूली माना जा रहा है। जब सोना और चांदी ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे, तो निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में मजबूती भी एक अहम वजह रही। डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित बॉन्ड की ओर गया, जिसका असर भी कीमती धातुओं पर पड़ा।
वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़ी चर्चाएं और निवेशकों की बदली रणनीति ने भी सोना और चांदी की कीमतों को नीचे खींचने का काम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।