Gold-Silver Rates: सोना-चांदी की कीमतों में आई सबसे बड़ी गिरावट, क्या फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचेंगे दाम? जानें

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 01:20 PM

gold and silver prices witness the biggest drop will we see another record

शुक्रवार को भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर लगातार दूसरे दिन दोनों कीमती धातुओं के भाव तेज़ी से टूटते नजर आए। सुबह के कारोबार में चांदी करीब 5,000 रुपये गिरकर 2.38 लाख रुपये के आसपास पहुंच...

नेशनल डेस्क: शुक्रवार को भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर लगातार दूसरे दिन दोनों कीमती धातुओं के भाव तेज़ी से टूटते नजर आए। सुबह के कारोबार में चांदी करीब 5,000 रुपये गिरकर 2.38 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई, जबकि सोना करीब 1,000 रुपये कमजोर होकर 1.50 लाख रुपये के ऊपर कारोबार करता दिखा। हालांकि शुरुआती कारोबार में गिरावट और भी ज्यादा थी। चांदी एक समय 12,000 रुपये तक टूट गई थी, जबकि सोने की कीमतों में लगभग 1,800 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे पहुंचे दाम
अगर रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें तो सोना और चांदी दोनों ही अब काफी सस्ते हो चुके हैं। 29 जनवरी को चांदी ने 4.20 लाख रुपये का ऑल-टाइम हाई बनाया था, लेकिन अब यह घटकर करीब 2.29 लाख रुपये तक आ गई है। यानी चांदी करीब 1.91 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है। वहीं सोने की बात करें तो 29 जनवरी को सोना 1.93 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर था, जो अब गिरकर करीब 1.49 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह सोने की कीमत में लगभग 44,000 रुपये की बड़ी गिरावट देखने को मिली है।


गोल्ड और सिल्वर ETF में भी तेज गिरावट
केवल फिजिकल मार्केट ही नहीं, बल्कि गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी दबाव देखने को मिला। शुक्रवार को कई सिल्वर ETF में 6 से 10 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। कोटक सिल्वर ETF सबसे ज्यादा करीब 10 फीसदी टूट गया, जबकि HDFC, SBI और एडलवाइस सिल्वर ETF में करीब 9 फीसदी की गिरावट रही। बंधन सिल्वर ETF में गिरावट तुलनात्मक रूप से कम, करीब 6 फीसदी रही। गोल्ड ETF की बात करें तो एंजेल वन गोल्ड ETF करीब 8 फीसदी गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में लगभग 5 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई।


सोना-चांदी क्यों टूट रहे हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले एक हफ्ते से सोने और चांदी में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीतियों की आशंका है। इसके अलावा CME द्वारा मार्जिन में बढ़ोतरी और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली भी कीमतों पर दबाव डाल रही है। वैश्विक स्तर पर आईटी और टेक शेयरों में बिकवाली बढ़ने से भी निवेशकों का रुझान जोखिम भरे एसेट्स से हटकर कैश की ओर गया है, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ा है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। सोने की कीमत करीब 4 फीसदी गिरी, जबकि चांदी में लगभग 9 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल वैश्विक बाजार में सोना करीब 4,887 डॉलर प्रति औंस और चांदी करीब 78 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।


क्या फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचेंगे दाम?
विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है, ऐसे में आगे चलकर सोना और चांदी फिर से मजबूती पकड़ सकते हैं। गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े निवेश बैंक का अनुमान है कि 2026 तक सोना 4,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। चांदी को लेकर भी ब्रोकरेज हाउस और विश्लेषक सकारात्मक नजरिया रखते हैं। इंडस्ट्रियल डिमांड, जियो-पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी अगर जारी रहती है तो चांदी एक बार फिर रिकॉर्ड हाई के करीब या उससे ऊपर जा सकती है। बैंक ऑफ अमेरिका का मानना है कि अनुकूल हालात में चांदी 135 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी पार कर सकती है।


 

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