Edited By Rohini Oberoi,Updated: 14 Jan, 2026 12:42 PM

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक अनोखा और हैरान कर देने वाला कानूनी विवाद सामने आया है। यहां सात साल पहले शादी के बंधन में बंधे एक युवक ने दो साल पहले गुपचुप तरीके से अपना लिंग परिवर्तन (Gender Change) करवा लिया। मामला तब खुला जब पत्नी के हाथ पति...
Gender change controversy : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक अनोखा और हैरान कर देने वाला कानूनी विवाद सामने आया है। यहां सात साल पहले शादी के बंधन में बंधे एक युवक ने दो साल पहले गुपचुप तरीके से अपना लिंग परिवर्तन (Gender Change) करवा लिया। मामला तब खुला जब पत्नी के हाथ पति के मेडिकल दस्तावेज लग गए। पीड़िता का दावा है कि पति खुद तो अपने दोस्तों के साथ संबंध बनाता ही था साथ ही वह पत्नी को भी दूसरों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। अब यह पूरा विवाद अदालत की चौखट तक पहुंच गया है।
7 साल की शादी, 2 बेटियां और एक गहरा राज
यह मामला गोरखपुर के बांसगांव इलाके का है। आरोपी युवक दिल्ली की एक प्रतिष्ठित कंपनी में ऊंचे पद पर कार्यरत था। शादी के शुरुआती पांच साल सब कुछ सामान्य रहा। इस दौरान दंपत्ति की दो बेटियां भी हुईं। करीब दो साल पहले पति ने बिना किसी को बताए अपना जेंडर चेंज करवा लिया। वह पुरुष से महिला बन गया लेकिन उसने इस बात की भनक अपनी पत्नी या परिवार को नहीं लगने दी। दो साल तक लुका-छिपी का खेल चलता रहा लेकिन हाल ही में पत्नी को पति के कुछ गोपनीय मेडिकल पेपर्स मिले जिससे उसके होश उड़ गए।
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पत्नी के गंभीर आरोप: प्रताड़ना और अनैतिक दबाव
पति की असलियत सामने आने के बाद पत्नी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने अपने हलफनामे में रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि जेंडर बदलने के बाद पति उसे मानसिक रूप से टॉर्चर करता था। पीड़िता का दावा है कि पति खुद तो अपने दोस्तों के साथ संबंध बनाता ही था साथ ही वह पत्नी को भी दूसरों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। पिछले साल पति ने पत्नी के साथ मारपीट की और उसे दोनों मासूम बेटियों के साथ घर से बाहर निकाल दिया।
कोर्ट में इंसाफ की गुहार
पीड़िता अब अपनी दोनों बेटियों के साथ दर-दर की ठोकरें खा रही है। उसने अदालत से मांग की है कि उसे और उसकी बेटियों को भरण-पोषण (Maintenance) के लिए हर्जाना दिलाया जाए। बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कानूनी कदम उठाए जाएं।
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पति का बचाव: सब आरोप बेबुनियाद
दूसरी तरफ पति ने अदालत में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि उस पर लगाए गए प्रताड़ना और अनैतिक दबाव के दावे झूठे और मनगढ़ंत हैं। फिलहाल अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुन रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 'लिंग परिवर्तन' के बाद वैवाहिक अधिकारों और भरण-पोषण के नियमों पर यह एक जटिल केस साबित हो सकता है।