Edited By Tanuja,Updated: 01 Mar, 2026 11:02 AM

इजरायल-अमेरिका हमलों के बाद ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के दावे सामने आए हैं, हालांकि शुरुआती घंटों में विरोधाभासी बयान भी जारी हुए। IRGC ने “इतिहास का सबसे बड़ा हमला” करने की चेतावनी दी है। रूस, चीन, तुर्की समेत कई देशों ने युद्ध रोकने...
International Desk: इजरायल-अमेरिका हमलों के बाद ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के IRGC ने “इतिहास का सबसे बड़ा हमला” करने की चेतावनी दी है। ईरान की ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खामेनेई के US-इज़राइली हमले में मारे जाने की खबरों के बाद कड़ी सज़ा देने की कसम खाई है। साथ ही, चेतावनी दी है कि मौलवी के “हत्यारों” को “इतिहास के सबसे भयानक हमले” का सामना करना पड़ेगा।अपने ऑफिशियल टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट किए गए एक कड़े बयान में, IRGC ने ऐलान किया कि “ईरानी देश का बदला लेने का हाथ” तब तक नहीं रुकेगा जब तक “कड़ी, पक्की और अफसोसनाक सज़ा” नहीं दी जाती।
IRGC का ‘सबसे बड़ा हमला’ करने का ऐलान
सुप्रीम लीडर की मौत के दावों के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कड़ा बयान जारी किया। IRGC ने कहा कि ईरान “अपने इतिहास का सबसे खतरनाक और निर्णायक हमला” करने जा रहा है। बयान में कहा गया कि अमेरिकी और इजरायली सैन्य अड्डे तथा उनके सहयोगी ठिकाने प्राथमिक लक्ष्य होंगे। क्रांतिकारी बातों से भरे इस मैसेज में खामेनेई को “उम्माह का इमाम” बताया गया और उनकी कथित हत्या को सिर्फ़ एक लीडर पर ही नहीं, बल्कि खुद इस्लामिक रिपब्लिक पर हमला बताया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि सुप्रीम लीडर Ali Khamenei तेहरान स्थित अपने कंपाउंड पर हुए हमले में मारे गए। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB और अर्धसरकारी एजेंसियों ने उनकी मौत की पुष्टि करते हुए 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। हालांकि शुरुआती घंटों में कुछ अधिकारियों ने इन खबरों को “साइकोलॉजिकल वॉरफेयर” भी बताया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही।
संयुक्त सैन्य कार्रवाई और ट्रंप की प्रतिक्रिया
रिपोर्टों के अनुसार, Israel और United States ने तेहरान समेत कई शहरों में मिसाइल हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए खामेनेई की मौत को “ईरान के लोगों के लिए इंसाफ” बताया। इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ट्रंप से फोन पर बातचीत की और संयुक्त कार्रवाई पर चर्चा की।
तीन सदस्यीय काउंसिल संभालेगी सत्ता
ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक, नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखने के लिए तीन सदस्यीय काउंसिल बनाई गई है।इस काउंसिल में राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्डियन काउंसिल का एक सदस्य शामिल होगा, जो अस्थायी रूप से सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारियां संभालेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- रूस, चीन, तुर्की समेत कई देशों ने युद्ध रोकने की अपील की।
- Russia ने हमले को “पूर्व नियोजित आक्रामकता” बताया और सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की।
- China ने तत्काल सीजफायर और बातचीत की अपील की।
- तुर्की ने मध्यस्थता की पेशकश की।
- ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान के जवाबी हमलों की निंदा की।
- वैश्विक युद्ध की ओर बढ़ रहा संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव जल्द नहीं थमा, तो इसका असर तेल बाजार, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा। पश्चिम एशिया की यह आग अब सीमाओं से बाहर फैलने का खतरा पैदा कर रही है।