New Aadhaar App: अब आधार सेंटर के चक्करों को कहें अलविदा! अब बिना किसी झंझट के खुद अपडेट करें अपनी जानकारी, जानें पूरा तरीका

Edited By Updated: 21 Feb, 2026 10:16 AM

say goodbye to the hassle of visiting aadhaar centers your information

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने आधार उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया और आधुनिक मोबाइल ऐप पेश किया है। यह ऐप पुराने mAadhaar ऐप का उन्नत संस्करण है, जिसे खास तौर पर लोगों की सुविधा, डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हुए तैयार...

नेशनल डेस्क: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने आधार उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया और आधुनिक मोबाइल ऐप पेश किया है। यह ऐप पुराने mAadhaar ऐप का उन्नत संस्करण है, जिसे खास तौर पर लोगों की सुविधा, डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हुए तैयार किया गया है। यह केवल डिजिटल आधार कार्ड दिखाने का माध्यम नहीं है, बल्कि अब यह एक तरह से डिजिटल पहचान वॉलेट की तरह काम करेगा।

इस नए ऐप को भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के सिद्धांतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा पूरी तरह सुरक्षित रह सके। ऐप में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनसे आधार से जुड़े काम अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएंगे।

एक ही फोन में पूरे परिवार का आधार
नए ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब एक ही स्मार्टफोन पर परिवार के पांच सदस्यों तक के आधार प्रोफाइल जोड़े और मैनेज किए जा सकते हैं। पहले हर सदस्य को अपने-अपने मोबाइल में ऐप रखना पड़ता था, लेकिन अब एक परिवार एक ऐप की सुविधा मिल गई है। इससे बुजुर्गों और बच्चों के आधार को संभालना भी आसान होगा।


घर बैठे मोबाइल नंबर और पता अपडेट
अब आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर या पता बदलवाने के लिए आधार केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। नए ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे ही ये जानकारी अपडेट की जा सकती है। इसके लिए मामूली शुल्क, लगभग 75 रुपये तय किया गया है। यह सुविधा उन लोगों के लिए राहत भरी है, जो लंबी लाइनों और समय की कमी से परेशान रहते हैं।


जरूरत भर की जानकारी ही करें शेयर
इस ऐप में सेलेक्टिव डेटा शेयरिंग की सुविधा दी गई है। इसका मतलब है कि अब किसी को पूरा 12 अंकों का आधार नंबर बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप केवल उतनी ही जानकारी साझा कर सकते हैं, जितनी जरूरी हो, जैसे सिर्फ फोटो या उम्र। बाकी जानकारी छिपी रहेगी। इससे डेटा के गलत इस्तेमाल की संभावना कम हो जाती है।


बिना इंटरनेट भी होगी पहचान की पुष्टि
नया ऐप ऑफलाइन मोड में भी काम करता है। इसमें सुरक्षित क्यूआर कोड की सुविधा दी गई है, जिसे बिना इंटरनेट के भी स्कैन किया जा सकता है। किसी संस्था को आपकी पहचान सत्यापित करनी हो तो वह क्यूआर कोड स्कैन कर सकती है, और इस दौरान आपका आधार नंबर साझा नहीं होगा।


बायोमेट्रिक डेटा पर पूरा नियंत्रण
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए ऐप में वन-क्लिक बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक की सुविधा दी गई है। उपयोगकर्ता जब चाहें अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस डेटा को लॉक कर सकते हैं। इससे किसी भी तरह के अनधिकृत उपयोग की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।


फोटोकॉपी की जरूरत नहीं, समय और पैसा दोनों की बचत
होटल चेक-इन, एयरपोर्ट या अन्य जगहों पर अब आधार की फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐप के जरिए डिजिटल तरीके से पहचान साझा की जा सकती है। इसके अलावा मास्क्ड आधार और वर्चुअल आईडी जैसी सुविधाएं डेटा लीक के खतरे को कम करती हैं। पता बदलने या मोबाइल नंबर लिंक कराने जैसे काम भी अब मिनटों में पूरे हो सकते हैं।


ऐसे करें ऐप की शुरुआत
इस नए आधार ऐप को गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। लॉग-इन के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसके बाद उपयोगकर्ता अपना चार अंकों का एमपिन सेट कर सकते हैं और बायोमेट्रिक या फेस लॉक की सुविधा सक्रिय कर सकते हैं। ‘माय आधार’ सेक्शन में जाकर अपना और परिवार के अन्य सदस्यों का आधार प्रोफाइल जोड़ा जा सकता है।

 

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