योगी सरकार की खेल क्रांति: गोरखपुर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मात्र तीन महीने में लगभग 20% तैयार

Edited By Updated: 07 Aug, 2026 06:27 PM

gorakhpur s international cricket stadium is nearly 20 complete in just three m

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में खेल अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के अनुसार तेजी...

नेशनल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में खेल अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है। महज तीन महीने में ही करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 20 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस स्टेडियम के बन जाने से पूर्वांचल में न केवल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन संभव होगा, बल्कि स्थानीय खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। 

भूमिपूजन के तीन महीने बाद निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

स्टेडियम का 16 मई 2026 को भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने ईपीसी मोड पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मुख्य स्टेडियम परिसर की लेवलिंग और पाइल फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाहरी क्षेत्र में लेवलिंग, सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। अब तक परियोजना के लिए 110 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि स्टेडियम का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित 24 माह की अवधि में पूरा कराया जाए।

46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी स्वीकृत कर जारी कर दी है। इससे पहले 63.39 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की जा चुकी थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की लागत और समय-सीमा में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा। 

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम

स्टेडियम का निर्माण ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर किया जा रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट पिच, आधुनिक आउटफील्ड, हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स, अत्याधुनिक ब्रॉडकास्टिंग सुविधाएं, खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय ड्रेसिंग रूम, अभ्यास सुविधाएं और दर्शकों के लिए आधुनिक बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्टेडियम की सभी तकनीकी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो, इसके लिए खेल निदेशक की अध्यक्षता में विषय विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय तकनीकी समिति गठित की गई है। यह समिति पिच के आयाम, आउटफील्ड, लाइटिंग, सिटिंग व्यवस्था और प्रसारण सुविधाओं सहित सभी तकनीकी पहलुओं की निगरानी कर रही है।

आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर

निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। परियोजना में वित्तीय किश्तों का भुगतान भी गुणवत्ता परीक्षण से जोड़ा गया है और न्यूनतम पांच स्थलीय निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर ही अगली किश्तें जारी की जाएंगी। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी बनी रहेगी। स्टेडियम का क्षेत्र अपेक्षाकृत लो-लाइंग है, इसलिए भविष्य में जलभराव की किसी भी संभावना से बचने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। साथ ही सभी आवश्यक पर्यावरणीय और वैधानिक स्वीकृतियां भी सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि भविष्य में संचालन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। 

गोरखपुर में निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम  शासन व सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। शासन स्तर से इसकी प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में यह स्टेडियम पूर्वांचल क्षेत्र के महत्वपूर्ण क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित होगा। -कुमार विनीत, विशेष सचिव, खेल विभाग

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