DMart ने शुरू किया फार्मेसी बिजनेस, दवाओं पर 20% तक छूट; क्या बदल जाएगा मेडिकल स्टोर का कारोबार?

Edited By Updated: 29 Jul, 2026 01:19 AM

dmart started pharmacy business up to 20 discount on medicines

रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (DMart), जो अपने 'रोजाना कम कीमत' (Everyday Low Cost) मॉडल के लिए जानी जाती है, अब हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। राधाकिशन दमानी की अगुवाई वाली इस कंपनी ने चुपके से फार्मेसी...

बिजनेस डेस्कः रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (DMart), जो अपने 'रोजाना कम कीमत' (Everyday Low Cost) मॉडल के लिए जानी जाती है, अब हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। राधाकिशन दमानी की अगुवाई वाली इस कंपनी ने चुपके से फार्मेसी रिटेल बिजनेस का परीक्षण (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू कर दिया है, जिससे दवाओं के बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज होने की उम्मीद है।

दवाओं पर मिल रहा 20% का फ्लैट डिस्काउंट
सूत्रों के अनुसार, DMart ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में अपने कुछ चुनिंदा स्टोर्स के भीतर फार्मेसी काउंटर खोले हैं। यहां ग्राहकों को दवाओं पर 20 प्रतिशत का सीधा डिस्काउंट दिया जा रहा है। यह पहल DMart की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिफ्लेक्ट हेल्थकेयर एंड रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (RHRPL) के माध्यम से चलाई जा रही है।

क्या है DMart की रणनीति?
DMart अन्य फार्मेसी चेन की तरह अलग से दुकानें खोलने के बजाय "शॉप-इन-शॉप" मॉडल पर काम कर रहा है। कंपनी अपने मौजूदा बड़े स्टोर्स के भीतर ही मेडिकल काउंटर बना रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी दो बड़ी चुनौतियों ग्राहकों को लाने की लागत (CAC) और अतिरिक्त किराए के खर्च से बच जाएगी।

बिजनेस का प्रदर्शन
दस्तावेजों के मुताबिक, इस नए वेंचर (RHRPL) ने वित्त वर्ष 2024-25 में 12.92 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग चार गुना है। हालांकि, विस्तार के कारण कंपनी का घाटा भी 0.69 करोड़ से बढ़कर 2.45 करोड़ रुपये हो गया है।

केमिस्टों और ई-फार्मेसी में खौफ
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि DMart की इस 20% डिस्काउंट पॉलिसी से पड़ोस की केमिस्ट दुकानों के मुनाफे (मार्जिन) में भारी कमी आ सकती है। साथ ही, यह उन ई-फार्मेसी कंपनियों के लिए भी बड़ी चुनौती है जो होम डिलीवरी पर भारी खर्च करने के बावजूद मुनाफा कमाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि DMart का मॉडल आकर्षक है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसके टिकाऊ होने पर सवाल भी उठाए हैं। थायरोकेयर के एमडी राहुल गुहा का कहना है कि दवाओं के बिजनेस में इन्वेंट्री मैनेजमेंट बहुत जटिल है। एक मानक फार्मेसी को हर समय 4,000 से 5,000 अलग-अलग तरह की दवाएं (SKUs) रखनी पड़ती हैं और 50 से 60 मैन्युफैक्चरर्स के साथ तालमेल बिठाना होता है। इतने बड़े डिस्काउंट के साथ इस चक्र को लंबे समय तक चलाना कंपनी के लिए एक कठिन परीक्षा साबित हो सकता है।

वर्तमान में DMart के पास देश भर में 503 स्टोर्स का विशाल नेटवर्क है और पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे बड़े स्तर पर लॉन्च किए जाने की संभावना है।

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