Edited By Parveen Kumar,Updated: 23 Mar, 2026 05:59 PM

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ किया है कि अब श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही 21 मार्च से कमर्शियल एलपीजी की...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ किया है कि अब श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही 21 मार्च से कमर्शियल एलपीजी की अतिरिक्त 50 प्रतिशत आपूर्ति राज्यों को देने का फैसला लिया गया है।
पैनिक बुकिंग में आई कमी, हालात हो रहे सामान्य
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार (23 मार्च) को जानकारी देते हुए बताया कि एलपीजी को लेकर लोगों में घबराहट अब कम हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन हफ्तों में करीब 35 लाख नए घरेलू और कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन दिए या सक्रिय किए गए हैं। साथ ही, रिटेल आउटलेट्स पर स्थिति अब सामान्य होती जा रही है और गैस वितरण भी बेहतर हुआ है।
राज्यों को बढ़ाई गई कमर्शियल गैस की सप्लाई
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बढ़ा दी है। अब लगभग 50 प्रतिशत अतिरिक्त गैस इन क्षेत्रों को उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि इस गैस का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, डेयरी यूनिट, फूड प्रोसेसिंग और सामुदायिक रसोई में किया जाए।
प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों पर खास ध्यान
सरकार ने विशेष तौर पर प्रवासी मजदूरों और गरीब तबके को ध्यान में रखते हुए 5 किलो के छोटे सिलेंडर (एफटीएल) की उपलब्धता बढ़ाने को कहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संकट के समय किसी भी जरूरतमंद को खाना बनाने में दिक्कत न हो।
20 राज्यों में शुरू हुआ वितरण, 15,800 टन गैस पहुंची
अब तक करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी का वितरण शुरू हो चुका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लगभग 15,800 टन गैस की सप्लाई की जा चुकी है, जिससे हालात को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
सरकार का भरोसा: सप्लाई बनी हुई है, घबराने की जरूरत नहीं
सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है। हालांकि कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन वितरकों के पास गैस की कमी नहीं है और स्थिति लगातार सुधर रही है।