Edited By Parveen Kumar,Updated: 21 Mar, 2026 01:47 AM

राज्य में रसोई गैस (LPG) की कमी और सिलेंडर बुकिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। इस संबंध में नगर विकास एवं आवास...
नेशनल डेस्क : राज्य में रसोई गैस (LPG) की कमी और सिलेंडर बुकिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
18 जिलों पर विशेष फोकस
सरकार ने उन 18 जिला मुख्यालयों को प्राथमिकता देने को कहा है, जहां PNG नेटवर्क का ढांचा विकसित किया जा रहा है। इनमें पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, शेखपुरा, जमुई, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, सहरसा, मधेपुरा, भोजपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद और रोहतास शामिल हैं।
डीएम और कंपनियों को दिए गए निर्देश
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नगर निकाय क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन और संबंधित संयंत्र लगाने के लिए गैस वितरण कंपनियों को बिना किसी देरी के मंजूरी दी जाए। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कंपनियों को जमीन और अन्य जरूरी सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं, ताकि परियोजना में बाधा न आए।
कनेक्शन की संख्या में तेजी से इजाफा संभव
गैस कंपनियों की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल बिहार में करीब एक लाख घरों तक पाइप्ड गैस पहुंच रही है। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद कंपनियां तेजी से विस्तार करने में सक्षम होंगी और कम समय में बड़ी संख्या में नए कनेक्शन दिए जा सकेंगे।
PNG क्यों है बेहतर विकल्प?
विशेषज्ञों का मानना है कि PNG, LPG सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और किफायती है। इसमें गैस का दबाव कम होता है, जिससे हादसों की संभावना कम रहती है। साथ ही, पाइपलाइन से सीधी आपूर्ति होने के कारण गैस खत्म होने या सिलेंडर की उपलब्धता जैसी समस्याएं भी नहीं होतीं।
शहरी उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
सरकार के इस कदम से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को LPG संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह पहल राज्य में स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।