Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 Mar, 2026 11:36 PM

देश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। दिल्ली से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कुल 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल के पदों पर बड़ा फेरबदल किया गया है। इसी के साथ कई नए चेहरों को...
नेशनल डेस्क : देश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। दिल्ली से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कुल 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल के पदों पर बड़ा फेरबदल किया गया है। इसी के साथ कई नए चेहरों को महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इससे पहले गुरुवार (5 मार्च) को ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस और लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने बोस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और नए राज्यपालों की नियुक्तियों का आदेश जारी कर दिया।
कई राज्यों में बदले गए राज्यपाल
नए आदेशों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को अब तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बिहार के वरिष्ठ बीजेपी नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। इसके अलावा तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल भेजा गया है, जबकि केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
दिल्ली और लद्दाख में भी बड़ा बदलाव
राज्यों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेशों में भी अहम बदलाव किए गए हैं। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को अब हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। इस नियुक्ति को कूटनीतिक अनुभव और प्रशासनिक क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है।
कौन हैं दिल्ली के नए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू?
तरनजीत सिंह संधू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी अधिकारियों में गिना जाता है। वह एक अनुभवी राजनयिक रहे हैं और साल 2020 से 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में तैनात रहे। अपने करीब 35 साल लंबे कूटनीतिक करियर में उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा वह श्रीलंका में भारत के हाई कमिश्नर और जर्मनी में कॉन्सुल जनरल की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
नागालैंड के नए राज्यपाल नंद किशोर यादव
नागालैंड के नए राज्यपाल बनाए गए नंद किशोर यादव बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। वह बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है और वह सात बार विधायक चुने गए हैं। उन्होंने 2025 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था, जिसके बाद से ही उनके राज्यपाल बनाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
तेलंगाना भेजे गए शिव प्रताप शुक्ला
शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं और लंबे समय से बीजेपी की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने वित्त राज्यमंत्री के रूप में काम किया था। वह उत्तर प्रदेश में चार बार विधायक चुने गए और राज्य सरकार में मंत्री भी रहे। उन्हें यूपी की राजनीति में प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिना जाता है। राज्यसभा सदस्य रहने के दौरान पार्टी ने उन्हें व्हिप की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। फिलहाल वह हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे और अब उन्हें तेलंगाना भेजा गया है।