Edited By Pardeep,Updated: 06 Mar, 2026 12:24 AM

कनाडा के विंडसर शहर में रहने वाली 45 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एंटी-खालिस्तान एक्टिविस्ट नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक यह हमला अचानक नहीं था बल्कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। इस घटना ने भारत और दुनिया भर...
इंटरनेशनल डेस्कः कनाडा के विंडसर शहर में रहने वाली 45 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एंटी-खालिस्तान एक्टिविस्ट नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक यह हमला अचानक नहीं था बल्कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। इस घटना ने भारत और दुनिया भर में काफी ध्यान खींचा है।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात करीब 9:30 बजे LaSalle के टॉड लेन इलाके में एक घर से चाकूबाजी की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस और पैरामेडिक्स ने नैन्सी ग्रेवाल को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर पहले ही जताई थी सुरक्षा की चिंता
नैन्सी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं और खालिस्तान आंदोलन की खुलकर आलोचना करती थीं। उन्होंने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर लग रहा है। उन्होंने बताया था कि एक व्यक्ति ने उनके घर के दरवाजे पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि वह यह संदेश अंग्रेजी में इसलिए दे रही हैं ताकि कनाडा के सभी लोग समझ सकें कि वह किस खतरे का सामना कर रही हैं।
उन्होंने वीडियो में कहा था, “मैं कनाडा की नागरिक हूं, लेकिन अभी मुझे इस देश में सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा। किसी ने मुझे चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर बोलना बंद कर दो।”
पुलिस को दी थी शिकायत
नैन्सी ने यह भी बताया था कि उन्होंने इस घटना और उस व्यक्ति के खिलाफ अन्य शिकायतें Windsor Police Service को दी थीं। हालांकि पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की कि इस मामले में पहले कोई कार्रवाई हुई थी या नहीं। अब हत्या की जांच LaSalle Police Service कर रही है। पुलिस प्रमुख माइकल पीयर्स ने कहा कि शुरुआती जांच से लगता है कि यह एक सोची-समझी हत्या थी और पीड़िता को जानबूझकर निशाना बनाया गया। फिलहाल पुलिस ने किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
परिवार में शोक का माहौल
नैन्सी की मौत के बाद परिवार में गहरा शोक है। उनकी बहन रेनी प्रीत ग्रेवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने अपनी बहन, अपनी ताकत और अपनी सबसे अच्छी दोस्त को खो दिया। वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी।”
खालिस्तान आंदोलन की मुखर आलोचक थीं नैन्सी
नैन्सी ग्रेवाल खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन की खुलकर आलोचना करती थीं। यह आंदोलन 1947 से एक अलग सिख देश बनाने की मांग करता है। भारत सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानती है। कनाडा में रहने वाले कुछ सिख प्रवासियों के बीच भी इस आंदोलन को समर्थन मिलता है। इसी मुद्दे को लेकर हाल के वर्षों में भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव भी देखा गया है।
नैन्सी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर कई बार खालिस्तान समर्थक नेताओं जैसे गुरपतवंत सिंह पन्नू और अमृतपाल सिंह की आलोचना कर चुकी थीं। उन्होंने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की नीतियों पर भी सवाल उठाए थे।
पंजाब के लुधियाना से था संबंध
रिपोर्ट के अनुसार नैन्सी मूल रूप से पंजाब के लुधियाना जिले के नरंगवाल गांव की रहने वाली थीं। वह 2018 में कनाडा चली गई थीं। सोशल मीडिया पर उनके करीब 13 हजार इंस्टाग्राम और 9 हजार यूट्यूब फॉलोअर्स थे और वह अक्सर पंजाबी भाषा में वीडियो पोस्ट करती थीं।
उनकी 70 वर्षीय मां Shinderpal Kaur अपनी बेटी के अंतिम संस्कार के लिए कनाडा जाने की तैयारी कर रही हैं। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से नैन्सी को लगातार धमकियां मिल रही थीं और दो महीने पहले उनके घर में आग लगाने की भी कोशिश की गई थी। पुलिस फिलहाल इस हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच में जुटी हुई है।