Edited By Prachi Sharma,Updated: 05 Mar, 2026 01:53 PM

Sheetala Ashtami : हिंदू धर्म में चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व होली के ठीक आठ दिन बाद आता है और मुख्य रूप से माता शीतला को समर्पित है,...
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Sheetala Ashtami : हिंदू धर्म में चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व होली के ठीक आठ दिन बाद आता है और मुख्य रूप से माता शीतला को समर्पित है, जिन्हें रोगों से बचाने वाली देवी माना जाता है। वर्ष 2026 में शीतला अष्टमी की तिथि को लेकर कुछ लोग असमंजस में हो सकते हैं। इस आर्टिकल में जानेंगे कि 2026 में शीतला अष्टमी की सही तारीख, पूजा का मुहूर्त और इस दिन बासी भोजन करने की अनूठी परंपरा के पीछे का कारण क्या है।
शीतला अष्टमी 2026 की तिथि और मुहूर्त
शीतला अष्टमी तिथि: 11 मार्च 2026, बुधवार
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 11 मार्च 2026 को रात 01:54 बजे से
अष्टमी तिथि समाप्त: 12 मार्च 2026 को सुबह 04:19 बजे तक
पूजा का शुभ मुहूर्त: 11 मार्च को सुबह 06:36 बजे से शाम 06:27 बजे तक।

How to worship Maa Shitala कैसे करें माता शीतला का पूजन ?
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: अष्टमी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर ठंडे पानी से स्नान करें।
थाली तैयार करें: पूजा की थाली में एक दिन पहले बना हुआ भोग, रोली, हल्दी, अक्षत, धूप-दीप और जल का कलश रखें।
शीतला माता मंदिर: घर के पास माता शीतला के मंदिर जाएं। यदि मंदिर न हो, तो घर में ही उत्तर दिशा में माता का ध्यान करें।
पूजन और जल अर्पण: माता को हल्दी और दही का तिलक लगाएं और ठंडा भोजन अर्पित करें। पूजा के बाद कलश का कुछ जल बचाकर घर लाएं और घर के कोनों में छिड़कें।
नीम की पूजा: शीतला माता की पूजा में नीम के पेड़ की पूजा का भी विधान है क्योंकि नीम औषधीय गुणों से भरपूर होता है।
