Edited By Anil Kapoor,Updated: 25 Aug, 2026 11:11 AM
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने अपने विचारों और जीवन के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और मानव सम्मान का संदेश दिया है। उनकी वाणी ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के भीतर भी आत्मसम्मान...
New Delhi: भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने अपने विचारों और जीवन के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और मानव सम्मान का संदेश दिया है। उनकी वाणी ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के भीतर भी आत्मसम्मान और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का भाव जगाया है। गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर यहां के तालकटोरा स्टेडियम में सोमवार को समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत पावन माटी कलश - वंदन एवं वितरण कार्यक्रम का आयोजन तालकटोरा स्टेडियम में किया गया।
इस कार्यक्रम में नवीन के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा सहित अनेक संत-महात्मा और गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के उपरांत वाराणसी से लाई गयी पावन मिट्टी को दिल्ली के सभी 14 जिलों में पहुंचाने के लिए वाहनों को नवीन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लालसिंह आर्या, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, सांसद योगेन्द्र चंदोलिया, मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, प्रवीन खंडेलवाल, बांसुरी स्वराज, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, दिल्ली सरकार में मंत्री रविन्द्र इंद्रराज, मनजिंदर सिंह सिरसा, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल और एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष लाजपत राय सहित कई अन्य आला नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जगतगुरु कृष्ण शाह विद्यार्थी चन्द्र गिरी, साध्वी रैणुका महाराज , स्वामी जगमानंद महाराज, विवेक मुनि, कृष्ण मुरारी दास प्रभु , महंत नारायण गिरी, विमलानन्द गिरी जी, शिखेश कुमार राम जी आदि उपस्थित थे। इस मौके पर नवीन ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने ऐसे समय में समाज को नई दिशा देने का कार्य किया, जब ऊंच-नीच, भेदभाव और अनेक कुरीतियों ने समाज को जकड़ रखा था। उन्होंने अपने विचारों और जीवन के माध्यम से समाज को राह दिखायी। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि गुरु रविदास के इन विचारों का केवल स्मरण न किया जाए, बल्कि उन्हें अपने आचरण और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब-जब देश पर संकट आया, भारतीय संतों ने समाज को एकजुट करने और सही मार्ग दिखाने का कार्य किया। संत रविदास जी ने भी अपनी द्दढ़ विचारधारा के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की रक्षा का संदेश दिया। उनकी वाणी यह बताती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों, विचारों और संस्कृति के प्रति द्दढ़ रहना चाहिए। यही भारतीय संत परंपरा की शक्ति है, जिसने सदियों के संघर्ष और अनेक चुनौतियों के बावजूद हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत बनाए रखा है।
नवीन ने कहा कि गुरु रविदास जी की सोच का मूल भाव था कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर मिले। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र इसी भावना को आगे बढ़ाता है। सरकार की योजनाओं का केंद्र समाज का ध्येय अंतिम व्यक्ति तक लाम पहुंचाना है, ताकि गरीब, वंचित और जरूरतमंद व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे कठिन समय में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाना भी इसी सामाजिक समरसता और अंत्योदय की भावना का उदाहरण है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पवित्र माटी कलश के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का संकल्प है। उन्होंने कहा, 'हमारा प्रयास है कि यह अभियान किसी एक संगठन तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से एक व्यापक जन-अभियान बने। गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर हमें ऐसा समाज निर्माण करना है, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, हर व्यक्ति को सम्मान मिले और सभी मिलकर राष्ट्र की प्रगति में सहभागी बनें।
इस मौके पर गुप्ता ने कहा कि बनारस से चली यह पवित्र माटी आज जन-जन तक पहुंचने के लिए तैयार है। हमारा प्रयास है कि यह पवित्र माटी हर घर और हर बस्ती तक पहुंचे तथा इसके माध्यम से गुरुदेव संत शिरोमणि रविदास जी की शिक्षाएं और उनका आशीर्वाद हर व्यक्ति तक पहुंचे। आज का यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और संत रविदास जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक संकल्प है। यह पवित्र माटी उसी संकल्प का प्रतीक है।' उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदास की शिक्षाएं हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। न कोई छोटा है, न कोई बड़ा सभी को समान अवसर और सम्मान मिले, यही संत रविदास जी का संदेश था।
मोदी के नेतृत्व में‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास'के मंत्र के साथ इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। जब यह पवित्र कलश यात्रा दिल्ली के एक-एक जिले और एक-एक बस्ती तक पहुंचेगी, तो मेरा विश्वास है कि पूरी दिल्ली संत रविदास जी के पवित्र विचारों और समरसता के संदेश से आलोकित होगी। सीएम गुप्ता ने कहा कि पवित्र माटी कलश अभियान केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के विचारों और उनके संदेश को दिल्ली के हर घर, हर गली और हर बस्ती तक पहुंचाने का संकल्प है। जब समाज का हर वर्ग एक-दूसरे का सम्मान करते हुए साथ आगे बढ़ेगा, तभी एक मजबूत, समरस और विकसित भारत का निर्माण संभव होगा।
मल्होत्रा ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में उनके जीवन, विचारों और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। गुरु रविदास जी ने विषम परिस्थितियों में भी भक्ति के साथ कर्म, करुणा, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, अपने कर्म और संकल्प के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ' हमारा उद्देश्य केवल पवित्र माटी को पहुंचाना नहीं, बल्कि गुरु रविदास जी के विचारों भक्ति, कर्म, मानवता और सामाजिक समरसता को जन-जन के जीवन का हिस्सा बनाना है।