Edited By Ramkesh,Updated: 08 Jul, 2026 01:12 PM

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर सरकार ने लगभग 3 वर्षों से रिक्त दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) का पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से DCPCR का पुनर्गठन...
नेशनल डेस्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर सरकार ने लगभग 3 वर्षों से रिक्त दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) का पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से DCPCR का पुनर्गठन करते हुए आयोग में एक अध्यक्ष और 4 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनका कल्याण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
4 नए सदस्यों की नियुक्ति
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, व्यास के अलावा राहुल गौतम, कुंदन कंसकर, स्वाति गुप्ता और मोनिका शर्मा को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्तियां कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी। मंगलवार को जारी इस बयान में कहा गया है कि आयोग के रिक्त होने के लगभग तीन वर्ष बाद ये नियुक्तियां की गई हैं। इसके अनुसार, ये नियुक्तियां महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम, 2008 तथा गृह मंत्रालय की संबंधित अधिसूचना के तहत की गई हैं।
तीन वर्ष का होगा कार्यकाल
बयान में कहा गया है कि अध्यक्ष और आयोग के सदस्य तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किए गए हैं। हालांकि, यदि अध्यक्ष 65 वर्ष तथा सदस्य 60 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा पहले प्राप्त कर लेते हैं, तो उनका कार्यकाल उसी समय समाप्त हो जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उनका कल्याण सुनिश्चित करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बच्चों के हितों की होगी रक्षा
उन्होंने कहा कि डीसीपीसीआर को मजबूत करना बच्चों के अधिकारों के प्रभावी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग का नया नेतृत्व बच्चों के हितों की रक्षा और उनके समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेगा।