Edited By Pardeep,Updated: 18 Jul, 2026 09:50 PM

शिक्षाविद और प्रख्यात वैज्ञानिक सोनम वांगचुक, जो पिछले 21 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे, उन्हें लेकर अब फिल्मी गलियारों से भी समर्थन की आवाजें उठने लगी हैं। अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें जबरन उठाकर सफदरजंग...
नई दिल्ली: शिक्षाविद और प्रख्यात वैज्ञानिक सोनम वांगचुक, जो पिछले 21 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे, उन्हें लेकर अब फिल्मी गलियारों से भी समर्थन की आवाजें उठने लगी हैं। अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बता दें बॉलीवुड का लगभग हर सेलेब वांगचुक के सपोर्ट में उतरता दिखा है। उन्हें साइंटिस्ट की चिंता भी हो रही है। बीते दिन शुक्रवार को एक्टर शेखर सुमन ने भी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
'सिस्टम संगदिल और बेदिल है'
अपने शो 'शेखर टूनाइट' के दौरान शेखर सुमन ने सोनम वांगचुक का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह व्यवस्था न केवल गूंगी और बहरी है, बल्कि पूरी तरह से संवेदनहीन भी हो चुकी है। सुमन ने हैरानी जताते हुए कहा कि एक व्यक्ति देश की बेहतरी और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अनशन पर बैठा है, लेकिन सिस्टम 'चैन से लेटा हुआ' है। उन्होंने व्यवस्था को 'तंग दिल, संग दिल और बेदिल' करार दिया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सोनम वांगचुक देश के चरमराते शिक्षा ढांचे को संभालने और युवाओं के हक के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है। शेखर सुमन ने अपने मोनोलॉग में भावुक होते हुए कहा कि भले ही वांगचुक का शरीर ऊर्जाहीन और थका हुआ हो, लेकिन वह देश के लाखों युवाओं की ताकत हैं। उन्होंने समाज को झकझोरते हुए कहा, "हम सब जिंदा लाशों में वह एक अकेला ही जीवित है"।
पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दिल्ली पुलिस सोनम वांगचुक को सफेद चादर के पीछे छिपाकर जबरदस्ती ले जा रही है। इस घटना को लेकर न केवल शेखर सुमन बल्कि कई अन्य हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और सिस्टम की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उनके समर्थन में उठ रही आवाजें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।