Edited By Parveen Kumar,Updated: 29 Jun, 2026 06:48 PM

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर पी सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पंजाब विधानसभा में पारित विधेयक और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सवाल उठाए हैं।
नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर पी सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पंजाब विधानसभा में पारित विधेयक और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सवाल उठाए हैं।
आर. पी. सिंह ने दावा किया कि आज सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन रहा, जब पंजाब विधानसभा के सभी सिख विधायक अकाल तख्त की कचहरी में पेश हुए। उनके अनुसार, सुनवाई के दौरान प्रत्येक कैबिनेट मंत्री से पूछा गया कि क्या उन्होंने विधानसभा में पेश होने से पहले संबंधित विधेयक को पढ़ा था। सिंह का कहना है कि सभी मंत्रियों ने इसका जवाब "नहीं" में दिया और बताया कि उन्हें विधेयक अंतिम समय में उपलब्ध कराया गया था, जिसके कारण उसे पढ़ने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
भाजपा प्रवक्ता ने इस आधार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि मंत्रियों ने विधेयक का अध्ययन नहीं किया था और कैबिनेट स्तर पर उस पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई, तो उसका मसौदा किसने तैयार किया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या विधेयक का प्रारूप दिल्ली में तैयार किया गया था।
आर. पी. सिंह ने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम उस धारणा को बल देता है कि पंजाब सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और पंथक फैसले दिल्ली से लिए जा रहे हैं और राज्य का निर्वाचित नेतृत्व केवल उन निर्देशों का पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है, तो पंजाब की जनता को यह जानने का अधिकार है कि राज्य के महत्वपूर्ण निर्णय वास्तव में किसके स्तर पर लिए जा रहे हैं।