'भूतों पर Phd करना चाहता हूं' — बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, हिंदू राष्ट्र की मांग दोहराई

Edited By Updated: 21 Aug, 2025 01:03 AM

i want to do phd on ghosts big statement by dhirendra shastri of bageshwar d

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और चर्चित कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं।

नई दिल्लीः बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और चर्चित कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक प्रमुख न्यूज़ चैनल को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने भूत-प्रेत पर पीएचडी करने की इच्छा जताई और साथ ही हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर अपना पक्ष भी स्पष्ट किया। उन्होंने कई समकालीन मुद्दों पर अपनी राय रखी और देश में चल रही सामाजिक-धार्मिक बहसों पर भी खुलकर बोले।

"भूतों पर पीएचडी करूंगा" — क्या कहा धीरेंद्र शास्त्री ने?

साक्षात्कार के दौरान जब धीरेंद्र शास्त्री से उनके अध्ययन और भविष्य की योजनाओं पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा: “मैं भूतों पर पीएचडी करना चाहता हूं। लोग मज़ाक उड़ाते हैं कि भूतों पर पीएचडी कौन करता है, लेकिन बहुत लोगों ने की है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी इस विषय पर रिसर्च होती है।” उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में जहां अध्यात्म, परालौकिक और तांत्रिक विषयों का ऐतिहासिक महत्व रहा है, वहां ऐसे विषयों पर अकादमिक शोध की ज़रूरत है।

शादी पर क्या बोले बागेश्वर बाबा?

जब उनसे विवाह को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया: “अब तक किसी लड़की को पसंद नहीं किया है। अगली बार आपको सीधा शादी का कार्ड देंगे।” उनके इस जवाब ने इंटरव्यू के माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया, लेकिन उनके अनुयायियों में यह चर्चा का विषय बन गया।

"हमें गजवा-ए-हिंद नहीं, भगवा-ए-हिंद चाहिए" — हिंदू राष्ट्र पर जोर

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने राजनीतिक और धार्मिक विचारों को लेकर स्पष्ट कहा:“हमें फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कहता है। हम गलत नहीं हैं, इसलिए डर नहीं है। हम गजवा-ए-हिंद नहीं चाहते, भगवा-ए-हिंद चाहते हैं।” उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक वे जीवित हैं, हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए प्रयास करते रहेंगे।

 "भारत अगर हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा तो कौन बनेगा?"

साक्षात्कार में जब उनसे पूछा गया कि भारत को हिंदू राष्ट्र क्यों बनाना चाहिए, तो उन्होंने कहा:“जब भारत ही हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, तो क्या बांग्लादेश बनेगा? देश में हिंदुओं का धर्मांतरण हो रहा है, गंगा-जमुनी तहजीब की आड़ में हिंदुओं को चारा बनाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि पहले हिंदू चुप था, तो सब ठीक लगता था। अब जब हिंदू बोलने लगा है, तो उसे धमकी माना जा रहा है।

 "सर तन से जुदा" जैसे नारों पर तीखी प्रतिक्रिया

धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ कट्टरपंथी नारों की आलोचना करते हुए कहा: “धमकी तो यह है कि ‘सर तन से जुदा कर देंगे’। कुछ लोग हमारे तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं, लेकिन हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।” उनका इशारा कट्टरपंथी ताकतों की ओर था जो धर्म के नाम पर समाज को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

 "शंकराचार्य को मिलनी चाहिए कमान" — साधु समाज से अपील

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि:“हमें चाहिए कि हमारे कथावाचकों में से कोई शंकराचार्य बने और साधु-संत समाज राष्ट्र और धर्म की दिशा तय करें। धर्मांतरण को रोकना, गाय को राष्ट्रमाता घोषित करना और समाज में सुधार लाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!