Edited By Parveen Kumar,Updated: 24 Jun, 2026 05:45 PM

देशभर के राशन धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सरकार द्वारा इन नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। जिसमें अत्योंदय अन्न योजना के लाभार्थियों को राशन...
नेशनल डेस्क : देशभर के राशन धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सरकार द्वारा इन नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। जिसमें अत्योंदय अन्न योजना के लाभार्थियों को राशन देने के नियमों में बदलवा किया जा सकता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य खाद्य और पोषण सुरक्षा को और ज्यादा बेहतर बनाना है।
क्या है नया प्रस्ताव?
फिलहाल अंत्योदय अन्न योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी भी हो। नए मसौदे में राशन वितरण को प्रति व्यक्ति आधार पर करने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक पात्र व्यक्ति को हर महीने 7 किलोग्राम अनाज मिलेगा। हालांकि, एक परिवार को अधिकतम 35 किलोग्राम अनाज ही दिया जाएगा।
बदलाव की जरूरत क्यों?
सरकार के मुताबिक मौजूदा व्यवस्था में छोटे और बड़े परिवारों के बीच असमानता देखने को मिलती है। छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज मिलता है, जबकि बड़े परिवारों में प्रति सदस्य अनाज की मात्रा कम हो जाती है। नई व्यवस्था लागू होने पर सभी लाभार्थियों को समान आधार पर राशन देने में मदद मिलेगी। इससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और संतुलित बनने की उम्मीद है।
किन लोगों को होगा फायदा?
सरकार का मानना है कि बड़े और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इस बदलाव का अधिक लाभ मिल सकता है। प्रति व्यक्ति आधार पर राशन तय होने से परिवार के सदस्यों की वास्तविक संख्या को ध्यान में रखा जा सकेगा और जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था बेहतर होगी।
जनता से मांगे गए सुझाव
केंद्र सरकार ने इस मसौदा विधेयक पर आम नागरिकों, विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इच्छुक लोग 13 जुलाई 2026 तक अपनी राय सरकार को भेज सकते हैं। सरकार ने कहा है कि प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाएगा।