Edited By Parveen Kumar,Updated: 11 Jun, 2026 08:37 PM

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों को बड़ी राहत देते हुए भविष्य निधि (PF) निकासी प्रक्रिया को और सरल बना दिया है। नए नियमों के तहत अब पात्र सदस्य कुछ विशेष परिस्थितियों में निकासी का कारण बताए बिना ही अपनी पूरी ईपीएफ राशि (100%) निकाल...
नेशनल डेस्क : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ धारकों को बड़ा तोहफा दिया है। नए नियमों के अनुसार अब पीएफ धारक बिना कोई वजह बताए ही अपनी ईपीएफ की पूरी राशि (100%) निकाल सकेंगे। यह कदम ईपीएफओ द्वारा सदस्यों को उनकी सेवानिवृत्ति बचत तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने और दावा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पहले क्या थे नियम?
अब तक विशेष परिस्थितियों जैसे लंबे समय तक बेरोजगारी, संस्थान में तालाबंदी, कंपनी बंद होने, महामारी या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में सदस्य पूरी ईपीएफ राशि निकाल सकते थे। हालांकि, इसके लिए निकासी का स्पष्ट कारण बताना और संबंधित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य था। कई मामलों में दावों को इसलिए अस्वीकार कर दिया जाता था क्योंकि सदस्य द्वारा बताए गए कारण ईपीएफओ की स्वीकृत श्रेणियों से मेल नहीं खाते थे। इससे दावों के निपटारे में देरी और शिकायतें बढ़ जाती थीं।
किन परिस्थितियों में मिलती है 100% निकासी की अनुमति?
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में सदस्य अपनी पूरी पीएफ राशि निकाल सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- यदि कोई संस्थान 15 दिनों से अधिक समय तक बंद या तालाबंद रहता है और कर्मचारी बिना वेतन के बेरोजगार हो जाते हैं।
- यदि कर्मचारियों को दो महीने से अधिक समय तक वेतन नहीं मिलता, बशर्ते देरी हड़ताल या अन्य श्रमिक विवाद के कारण न हो।
- सेवा समाप्ति, बर्खास्तगी या छंटनी के बाद कर्मचारी द्वारा मामले को अदालत में चुनौती देने की स्थिति।
- संस्थान के छह महीने से अधिक समय तक बंद रहने और कर्मचारी के बेरोजगार रहने की स्थिति।
- सदस्य या उसके परिवार के किसी सदस्य के गंभीर चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होने पर।
इन मामलों में पहले विभिन्न प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों की आवश्यकता होती थी।
नए नियमों में क्या बदला?
13 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, ईपीएफओ ने विशेष परिस्थितियों में निकासी के लिए कारण बताने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि पहले सदस्य को आंशिक या विशेष निकासी के लिए कारण स्पष्ट करना पड़ता था, जिसके चलते कई दावे खारिज हो जाते थे। अब पात्र सदस्य बिना किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण के इस श्रेणी के तहत आवेदन कर सकेंगे। इस बदलाव से दावा प्रक्रिया तेज होगी और अनावश्यक अस्वीकृतियों में कमी आने की उम्मीद है।
सामान्य परिस्थितियों में क्या हैं नियम?
नए प्रावधान का यह अर्थ नहीं है कि सदस्य किसी भी समय अपनी पूरी ईपीएफ राशि निकाल सकते हैं। सामान्य परिस्थितियों में निकासी की सीमा पहले की तरह लागू रहेगी। 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक अन्य परिपत्र के अनुसार, पात्र सदस्य अब अपनी पात्र राशि का 75 प्रतिशत तक बिना किसी दस्तावेज के निकाल सकते हैं।
हालांकि, 100 प्रतिशत निकासी की सुविधा केवल विशेष परिस्थितियों तक सीमित रहेगी। ईपीएफओ का मानना है कि इन सुधारों से दावों के निपटारे में तेजी आएगी, अस्वीकृतियों में कमी होगी और सदस्यों को अपनी बचत पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।