Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 Jun, 2026 03:18 PM

One Nation One Ration Card: राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने अनाज वितरण व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए ऐसी सुविधा शुरू की है, जिससे अब लाभार्थियों को केवल एक ही राशन दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। One Nation One Ration Card...
One Nation One Ration Card: राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने अनाज वितरण व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए ऐसी सुविधा शुरू की है, जिससे अब लाभार्थियों को केवल एक ही राशन दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। One Nation One Ration Card (ONORC) योजना के तहत पात्र लोग अब अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी उचित मूल्य की दुकान से गेहूं, चावल ले सकेंगे। इस नई व्यवस्था से लंबी कतारों, राशन की कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण होने वाली परेशानियों में कमी आएगी।
राशन लेने की प्रक्रिया हुई आसान
अब तक कई लोगों को राशन लेने के दौरान लंबी कतारों, बायोमेट्रिक वैरिफाई में दिक्कत या दुकान पर अनाज की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा लागू होने के बाद लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी अधिकृत राशन दुकान से अनाज ले सकेंगे। इससे राशन लेने में लगने वाला समय कम होगा और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
क्या है One Nation One Ration Card योजना?
One Nation One Ration Card (ONORC) केंद्र सरकार की एक अहम योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में राशन वितरण को पोर्टेबल बनाना है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी अपने राशन कार्ड का उपयोग भारत के किसी भी राज्य या जिले में कर सकते हैं। Aadhaar Authentication और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए लाभार्थी अपने हिस्से का राशन कहीं से भी प्राप्त कर सकते हैं।
ATM की तरह काम करती है यह सुविधा
सरकार की यह व्यवस्था काफी हद तक ATM नेटवर्क की तरह है। जैसे बैंक ग्राहक किसी भी शहर या राज्य में ATM से पैसे निकाल सकते हैं, उसी तरह राशन कार्ड धारक भी देश के किसी भी हिस्से में अपने कोटे का राशन प्राप्त कर सकते हैं। इससे स्थान बदलने पर भी राशन सुविधा प्रभावित नहीं होगी।
प्रवासी मजदूरों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन Migrant workers और उनके परिवारों को होगा जो रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं। पहले ऐसे लोगों को अपने गृह राज्य की राशन व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे जहां काम कर रहे हैं वहीं से राशन ले सकेंगे। इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सरकारी सहायता मिल सकेगी।