Edited By Anu Malhotra,Updated: 09 Feb, 2026 09:26 AM

दिल्ली के आलीशान होटलों में इन दिनों पैर रखने की जगह नहीं है और कमरों का किराया किसी लग्जरी कार की कीमत के बराबर पहुंच गया है। राजधानी में छाई इस 'होटल महंगाई' की सबसे बड़ी वजह तकनीक की दुनिया का महाकुंभ यानी ‘भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026’ है। प्रगति...
नेशनल डेस्क: दिल्ली के आलीशान होटलों में इन दिनों पैर रखने की जगह नहीं है और कमरों का किराया किसी लग्जरी कार की कीमत के बराबर पहुंच गया है। राजधानी में छाई इस 'होटल महंगाई' की सबसे बड़ी वजह तकनीक की दुनिया का महाकुंभ यानी ‘भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026’ है। प्रगति मैदान के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन ने दिल्ली के फाइव-स्टार होटलों की दुनिया ही बदल दी है।
विदेशी मेहमानों का जमावड़ा, होटलों की चांदी
इस बार दिल्ली सिर्फ राजधानी नहीं, बल्कि दुनिया का 'टेक हब' बनने जा रही है। इस समिट में करीब 100 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जिनमें 20 के करीब देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 50 से ज्यादा मंत्री और दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। करीब 500 नामी शोधकर्ता और अब तक हो चुके 35,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन ने दिल्ली के प्रीमियम होटलों की डिमांड को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
20 हजार वाला कमरा अब 5 लाख में
अगर आप इन दिनों दिल्ली के किसी बड़े होटल में रुकने का मन बना रहे हैं, तो अपना बजट जरा कस लें। जो कमरे सामान्य दिनों में 20 से 40 हजार रुपये में मिल जाते थे, उनका किराया अब 4 से 5 लाख रुपये प्रति रात तक पहुंच गया है। ITC Maurya, The Leela Palace और Taj Palace जैसे होटलों में एक भी कमरा खाली नहीं बचा है। हालात ये हैं कि कनॉट प्लेस और एरोसिटी के होटलों ने भी भारी मांग को देखते हुए 'मिनिमम स्टे' (कम से कम इतने दिन रुकना ही होगा) जैसी शर्तें लगा दी हैं।
NCR तक फैलेगा असर
तकनीक और सत्ता के इस संगम ने दिल्ली की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दे दी है। VVIP मेहमानों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के कारण लुटियंस दिल्ली के आसपास के होटल पहली पसंद बने हुए हैं। होटलों की यह फुल बुकिंग और आसमान छूते दाम सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेंगे। जानकारों का मानना है कि दिल्ली में जगह न मिलने के कारण अब आने वाले दिनों में गुरुग्राम और नोएडा के प्रीमियम होटलों के रेट भी तेजी से बढ़ सकते हैं।