Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Jan, 2026 03:59 PM

कमोडिटी बाजार में इस वक्त जो सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, वह है चांदी। सदियों से आभूषण और निवेश का हिस्सा रही चांदी ने अब कीमतों के मामले में ऐसा उछाल दिखाया है, जिसने बड़े-बड़े निवेशकों को भी चौंका दिया है। 29 जनवरी को चांदी ने इतिहास में...
नेशनल डेस्क: कमोडिटी बाजार में इस वक्त जो सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, वह है चांदी। सदियों से आभूषण और निवेश का हिस्सा रही चांदी ने अब कीमतों के मामले में ऐसा उछाल दिखाया है, जिसने बड़े-बड़े निवेशकों को भी चौंका दिया है। 29 जनवरी को चांदी ने इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर लिया, और MCX पर यह भाव बढ़कर करीब 4.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।
अगर एक महीने पीछे जाएं तो तस्वीर बिल्कुल अलग थी। 29 दिसंबर तक चांदी करीब 2.50 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी. यानी महज एक महीने में इसमें करीब 60% की छलांग लग चुकी है। वहीं बीते एक साल की बात करें, तो चांदी ने निवेशकों को लगभग 280 फीसदी तक का रिटर्न देकर सबको हैरान कर दिया है।
क्या अब 5 लाख रुपये की बारी है?
चांदी की मौजूदा रफ्तार को देखकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसके भाव 5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं? इस पर YA वेल्थ के डायरेक्टर अनुज गुप्ता का मानना है कि तेजी अभी थमी नहीं है. उनके मुताबिक, अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है, तो अगले 2 साल के भीतर चांदी 5 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर छू सकती है। उनका कहना है कि दुनिया भर में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव—जैसे अमेरिका और ईरान के बीच खिंचाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-यूरोप के रिश्तों में तनाव—निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर धकेल रहे हैं। ऐसे हालात में चांदी को एक मजबूत सेफ हेवन एसेट के तौर पर देखा जा रहा है।
क्यों बढ़ रही है चांदी की मांग?
चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि कई और मजबूत कारण भी हैं:-
-औद्योगिक मांग में लगातार बढ़ोतरी
-सोने की कीमतों में मजबूती, जिससे चांदी को भी सपोर्ट मिला
-निवेशकों द्वारा लंबे समय तक होल्डिंग
-बाजार में सप्लाई की कमी
-और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता
-इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर चांदी की कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है.
दो साल में 7 लाख के पार? बड़ी भविष्यवाणी
चांदी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े अनुमान सामने आ रहे हैं. कनाडा के नामी बैंक BMO कैपिटल मार्केट्स ने हाल ही में दावा किया है कि आने वाले कुछ वर्षों में कीमती धातुओं के दाम मौजूदा कल्पनाओं से कहीं आगे निकल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 के अंत तक 10 ग्राम सोने की कीमत 2.83 से 3 लाख रुपये तक और चांदी की कीमत 7.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया का फाइनेंशियल और जियोपॉलिटिकल सिस्टम तेजी से बदल रहा है, जिससे कागजी मुद्रा पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है. ऐसे माहौल में निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोने और चांदी जैसे पारंपरिक विकल्पों की ओर लौट रहे हैं।