Edited By Tanuja,Updated: 15 Jul, 2026 07:40 PM

फिलिस्तीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है। फिलिस्तीनी राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश ने कहा कि भारत स्थायी सदस्य बनने का पूरा हकदार है। उन्होंने फिलिस्तीन की UN सदस्यता में अमेरिका को सबसे बड़ी बाधा बताते...
International Desk: फिलिस्तीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता का खुलकर समर्थन किया है। भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने कहा कि भारत केवल अस्थायी नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का पूरा हकदार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत है और दुनिया के प्रमुख देशों को स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसलिए उसे स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।
अबू शावेश ने कहा, "भारत सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का पूरी तरह हकदार है। केवल तीन साल के लिए नहीं। हमारी स्थिति इस मुद्दे पर बिल्कुल स्पष्ट है।" उन्होंने कहा कि अधिकांश देश सुरक्षा परिषद में सुधार (UNSC Reform) का समर्थन करते हैं और भारत जैसे बड़े देशों को स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए।
फिलिस्तीनी राजदूत ने कहा कि फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता मिलने की प्रक्रिया में सबसे बड़ी रुकावट अमेरिका है।उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता के लिए तीन चरण होते हैं महासचिव को आवेदन देना (यह चरण पूरा हो चुका है)। सुरक्षा परिषद की सिफारिश मिलना व महासभा (UN General Assembly) की मंजूरी। उन्होंने कहा कि पहले और तीसरे चरण में कोई समस्या नहीं है, लेकिन अमेरिका सुरक्षा परिषद में वीटो का इस्तेमाल कर प्रक्रिया रोक देता है।
गौरतलब है कि हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता का समर्थन दोहराया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने कहा था कि भारत लंबे समय से फिलिस्तीनी जनता का समर्थक रहा है और दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) का समर्थन करता है। भारत का मानना है कि इजराइल और फिलिस्तीन दोनों मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर शांति और सुरक्षा के साथ साथ-साथ रहें, यही स्थायी समाधान है। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है। भारत G4 समूह (भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील) का सदस्य है, जो सुरक्षा परिषद के विस्तार की वकालत करता है। भारत फिलहाल 2028-29 के लिए सुरक्षा परिषद की अस्थायी (Non-Permanent) सदस्यता के लिए भी प्रयास कर रहा है।