Edited By Tanuja,Updated: 11 Jun, 2026 04:35 PM

ओमान तट के पास मर्चेंट शिप एमटी सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। भारत ने इस घटना पर अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। इस बीच ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक अन्य पोत से जुड़ी नई...
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की आग अब भारतीय परिवारों तक पहुंच गई है। ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमटी सेटेबेलो (MT Settebello) पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत ने भारत में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और नागरिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री मार्गों पर लगातार खतरा बढ़ रहा है और ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक अन्य पोत से जुड़ी नई घटना की भी जांच चल रही है।
तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने पुष्टि की कि एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में लापता बताए गए तीनों भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान दित्य शर्मा (Aditya Sharma) 23 वर्ष, हिमाचल प्रदेश), शिवानंद चौरसिया (Shivanand Chaurasia) देवरिया, उत्तर प्रदेश व पटनाला सुरेश (Patnala Suresh) आंध्र प्रदेश के रूप में हुई है। सोनोवाल ने कहा कि बचाए गए नाविकों और मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत लाने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय और Forward Seamen's Union of India (FSUI) के अनुसार, पलाऊ ध्वज वाले एमटी सेटेबेलो पर कुल 24 भारतीय चालक दल सदस्य सवार थे। ओमान के अधिकारियों के साथ चलाए गए बचाव अभियान में 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया। FSUI के महासचिव Manoj Yadav ने बताया कि जहाज से संपर्क टूट जाने के कारण शुरुआती घंटों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
अमेरिका ने हमले की बात स्वीकार की
United States Central Command ने हमले की पुष्टि करते हुए दावा किया कि जहाज कथित तौर पर ईरान से तेल ले जा रहा था और अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि कार्रवाई उसके समुद्री सुरक्षा अभियान का हिस्सा थी। हालांकि भारत ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए।भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी Jason Meeks को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए और क्षेत्र में नागरिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं तत्काल रुकनी चाहिए।
ओमान के पास नई घटना से बढ़ी चिंता
इस बीच मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार को बताया कि उसे ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक अन्य पोत से जुड़ी घटना की सूचना मिली है। दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। एफएसयूआई ने समुद्र में धुएं से घिरे एक जहाज की तस्वीरें भी जारी की हैं। यूनियन का दावा है कि उस पोत पर लगभग 20 भारतीय नाविक सवार हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।