Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 Mar, 2026 01:46 PM

Jogbani Railway Station: भारत में रेलवे स्टेशनों की कमी नहीं है, लेकिन बिहार के अररिया जिले में स्थित जोगबनी रेलवे स्टेशन की कहानी सबसे अलग और बेहद दिलचस्प है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी ट्रेन से उतरकर आप चंद कदमों की दूरी तय करें और सीधे...
Jogbani Railway Station: भारत में रेलवे स्टेशनों की कमी नहीं है, लेकिन बिहार के अररिया जिले में स्थित जोगबनी रेलवे स्टेशन की कहानी सबसे अलग और बेहद दिलचस्प है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी ट्रेन से उतरकर आप चंद कदमों की दूरी तय करें और सीधे दूसरे देश में दाखिल हो जाएं? यह सुनने में भले ही किसी फिल्मी कहानी जैसा लगे, पर जोगबनी स्टेशन पर यह हकीकत है। इस स्टेशन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां से यात्री पैदल चलकर ही भारत की सीमा पार कर नेपाल पहुंच सकते हैं।
जोगबनी स्टेशन से शुरू हो जाता नेपाल का बॉर्डर
इस सफर की सबसे रोमांचक बात यह है कि एक देश से दूसरे देश जाने के इस अंतरराष्ट्रीय सफर के लिए आपको न तो भारी-भरकम कागजी कार्रवाई की जरूरत है और न ही पासपोर्ट या वीजा की। भारत और नेपाल के बीच मौजूद मैत्रीपूर्ण और खुली सीमा व्यवस्था के कारण दोनों देशों के नागरिक बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकते हैं। जोगबनी स्टेशन से उतरते ही कुछ ही मिनटों की पैदल दूरी पर नेपाल का बॉर्डर शुरू हो जाता है, जिसे पार करते ही आप नेपाल के प्रमुख शहर बिराटनगर पहुंच जाते हैं। इसी वजह से इसे भारत से विदेश जाने का सबसे आसान और सस्ता रास्ता माना जाता है।
जोगबनी रेलवे स्टेशन केवल यात्रियों के घूमने-फिरने का जरिया नहीं है, बल्कि यह व्यापार के लिहाज से भी एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है। भारत के अलग-अलग कोनों से हर दिन सैकड़ों लोग ट्रेनों के जरिए यहां पहुंचते हैं और पैदल ही सीमा पार कर अपना कारोबार संभालते हैं। सीमा के दोनों तरफ बसे बाजारों में रौनक हमेशा बनी रहती है, जहां दोनों देशों के लोग अपनी जरूरतों का सामान खरीदने के लिए एक-दूसरे के देश में आते-जाते हैं। चाहे वह छोटा व्यापार हो या बड़ा लेन-देन, यह स्टेशन भारत और नेपाल के रिश्तों की डोर को मजबूती देने में एक अहम भूमिका निभाता है।