भारत में कब आएगा 6G? 5G से कई गुना तेज होगी स्पीड, केंद्रीय मंत्री ने बताया इस दिन होगा लॉन्च

Edited By Updated: 19 Mar, 2026 12:46 PM

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भारत 2030 तक 6G तकनीक लॉन्च करने की तैयारी में है। 6G, 5G से कई गुना तेज़ इंटरनेट स्पीड और अल्ट्रा-लो लेटेंसी देगा, जिससे बड़ी फाइलें सेकंडों में डाउनलोड होंगी। यह AI, स्मार्ट सिटी, होलोग्राम कॉल और रियल-टाइम डिजिटल अनुभव की नई दुनिया खोलेगा। सरकार...

नेशनल डेस्कः भारत डिजिटल क्रांति की नई छलांग लगाने जा रहा है। 5G के बाद अब सरकार 2030 तक 6G तकनीक लॉन्च करने की तैयारी में है, जो इंटरनेट की स्पीड और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी। 6G सिर्फ तेज इंटरनेट ही नहीं देगा, बल्कि AI, स्मार्ट सिटी, होलोग्राम कॉल और रियल-टाइम डिजिटल दुनिया की नई संभावनाएं भी लेकर आएगा।

केंद्रीय मंत्री ने किया 2030 का एलान

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत 2030 तक 6G तकनीक को लागू करने की योजना बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले ही इस लक्ष्य को सार्वजनिक कर चुके हैं। सरकार की योजना है कि भारत उन देशों में शामिल हो जो 6G को सबसे पहले अपनाएं। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक मानकों पर काम तेज किया जा रहा है।

1 Tbps की सुपरफास्ट स्पीड और अल्ट्रा-लो लेटेंसी

6G तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी असाधारण स्पीड और न्यूनतम लेटेंसी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह 5G की तुलना में 10 से 100 गुना तेज़ हो सकती है, यानी 1 टेराबाइट प्रति सेकंड तक डेटा ट्रांसफर संभव होगा। इसका मतलब है कि भारी डेटा फाइलें या हाई-रेज़ॉल्यूशन वीडियो सेकंडों में डाउनलोड हो जाएंगे। इससे रियल-टाइम इंटरनेट अनुभव और भी स्मूद और तेज़ हो जाएगा।

AI, स्मार्ट सिटी 

6G सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं लाएगा, बल्कि नई तकनीकों को वास्तविक दुनिया में लागू करने की क्षमता देगा। इसके तहत रियल-टाइम 3D होलोग्राम कॉल, सेल्फ ड्राइविंग कारें और स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं आम हो जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मिलकर यह नेटवर्क और भी इंटेलिजेंट बनेगा। हेल्थकेयर में रिमोट सर्जरी और एजुकेशन में वर्चुअल क्लासरूम जैसी सेवाएं आम हो सकती हैं।

भारत 6G विज़न और निवेश

सरकार ने भारत 6G विज़न दस्तावेज जारी किया है, जिसमें 100 से अधिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इस दिशा में लगभग 271 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह फंडिंग स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और उद्योगों के लिए टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का मकसद सिर्फ तकनीक का उपयोग करना नहीं, बल्कि इसे विकसित करने में भारत को अग्रणी बनाना है।

वैश्विक मानक तय करने में भारत की भूमिका

भारत 6G के वैश्विक मानकों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसके लिए 3GPP और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ सहयोग किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भारत कम से कम 10 प्रतिशत वैश्विक पेटेंट और स्टैंडर्ड्स में योगदान दे, जिससे भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।

स्पेक्ट्रम रोडमैप

सरकार ने 6G के लिए अगले 10 साल का स्पेक्ट्रम रोडमैप तैयार किया है। यह योजना 2025 से 2035 तक के चरणों में लागू होगी। इस रणनीति के तहत रिसर्च और डेवलपमेंट को लगातार बढ़ावा मिलेगा और हर साल नई तकनीकों को और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा।

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