Edited By Tanuja,Updated: 16 Feb, 2026 04:03 PM

ताजिकिस्तान के AI परिषद उपाध्यक्ष फिरुज़जोन सोदिकोव ने भारत की तेज़ AI प्रगति की प्रशंसा करते हुए AI इम्पैक्ट समिट 2026 से बड़ी उम्मीदें जताईं। उन्होंने भारत-ताजिकिस्तान के बीच AI डेटा सेंटर और तकनीकी साझेदारी को मध्य एशिया के लिए निर्णायक बताया।
International Desk: ताजिकिस्तान के उद्योग एवं नई प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काउंसिल के उपाध्यक्ष Firuzjon Sodiqov ने भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तेज़ प्रगति की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि AI Impact Summit 2026 से ताजिकिस्तान और मध्य एशिया को “वास्तव में बहुत ऊंची उम्मीदें” हैं। ANI से बातचीत में सोदिकोव ने कहा कि भारत की AI पहलें और इस वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेजबानी, नई दिल्ली को उभरती तकनीकों का वैश्विक केंद्र बना रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिट के दौरान होने वाली चर्चाएं, बैठकें और संभावित घोषणाएं भारत-ताजिकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पूरे मध्य एशिया के लिए लाभकारी होंगी।
AI डेटा सेंटर में साझेदारी
सोदिकोव ने बताया कि ताजिकिस्तान की एक कंपनी पहले से ही भारत की डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Yotta के साथ मिलकर AI डेटा सेंटर परियोजना पर काम कर रही है। इस साझेदारी से ताजिकिस्तान को क्षेत्रीय AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करने की संभावना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समिट के दौरान भारत और ताजिकिस्तान के बीच AI सहयोग के विभिन्न बिंदुओं पर एक अहम दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
ग्लोबल साउथ का पहला AI समिट
AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi करेंगे। यह समिट पहली बार ग्लोबल साउथ में आयोजित हो रहा है और इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, ब्राज़ील के राष्ट्रपति Lula da Silva, श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake और संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres समेत 20 से अधिक देशों के नेता शामिल हो रहे हैं।यह समिट भारत की उस महत्वाकांक्षी सोच को दर्शाता है, जिसमें AI को समावेशी, जिम्मेदार और वैश्विक विकास का इंजन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।