Edited By Pardeep,Updated: 30 Aug, 2026 10:49 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान भारत को कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम यूरेनियम की आपूर्ति को लेकर बड़ी डील हुई है। इस संबंध में दीर्घकालिक आपूर्ति...
इंटरनेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान भारत को कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम यूरेनियम की आपूर्ति को लेकर बड़ी डील हुई है। इस संबंध में दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्था के लिए दोनों पक्षों के बीच बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है और वे जल्द ही एक आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं।
2030 तक 5 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने साल 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर से ज्यादा तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, भारत और उज्बेकिस्तान इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा, अंतरिक्ष, मार्केट तक पहुंच, कनेक्टिविटी और बैंकिंग व भुगतान व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उज्बेकिस्तान मध्य एशिया के केंद्र में स्थित है और इस पूरे इलाके में भारत की भागीदारी के लिए यह देश बेहद महत्वपूर्ण है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग को नई धार
दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों के स्तर को बढ़ाकर अब 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) कर दिया है। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के अनुसार, संबंधों को मजबूत करने के लिए विदेश मंत्री स्तर के कोऑर्डिनेशन ग्रुप और जॉइंट कमीशन मीटिंग के स्तर को सेक्रेटरी स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर पर ले जाया गया है। इसके अलावा, दोनों देश सैन्य हार्डवेयर के संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन के लिए अपने रक्षा उद्योगों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देंगे।
आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' और अगला पड़ाव किर्गिस्तान
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि आतंकवाद, चरमपंथ और अलगाववाद पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौतियां हैं। इन खतरों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति बनाए रखना दोनों देशों का साझा संकल्प है। सभी क्षेत्रों में सहयोग को दिशा देने के लिए दोनों देश विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक नई कोऑर्डिनेशन काउंसिल बनाएंगे। उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय सफल यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी अब 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान रवाना होंगे।