Nepal Flood: नेपाली सेना ने चिलिमे में फंसे 3 भारतीयों को सुरक्षित निकाला, भारत ने कहा धन्यवाद

Edited By Updated: 31 Aug, 2026 03:18 PM

india thanks nepali army for rescuing three indians in rasuwa floods

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बीच नेपाली सेना ने रसुवा के चिलिमे गांव से तीन भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक को बचाया। भारत उनकी वापसी की व्यवस्था कर रहा है। भारत ने 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम और सुरंग बचाव दल भी भेजे हैं। नेपाल में मृतकों की संख्या...

Kathmandu: नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले के चिलिमे गांव से नेपाली सेना द्वारा बचाए गए चार लोगों में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत बचाव और राहत अभियानों में पड़ोसी देश की लगातार सहायता कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, सोमवार को इस आपदा में मरने वालों की संख्या 900 के पार पहुंच गई, जबकि 4,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

 

श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''नेपाली सेना द्वारा चिलिमे गांव से बचाए गए तीन भारतीय नागरिकों और उनके नेपाली सहयोगी से मुलाकात की। रसुवा का यह गांव अचानक आयी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हम नेपाली सेना की मदद के लिए उनका धन्यवाद करते हैं।'' उन्होंने बताया कि काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास इन लोगों की भारत वापसी की व्यवस्था कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि भारत ने नेपाल में बचाव अभियानों और आपदा में मारे गए लोगों की पहचान में सहायता के लिए विशेषज्ञ दल भी भेजे हैं। मंत्रालय ने कहा कि 19 सदस्यीय भारतीय फोरेंसिक टीम ने रविवार से काठमांडू में काम शुरू कर दिया है। यह टीम शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूनों के विश्लेषण में सहायता करेगी। इसके अलावा, भारतीय सुरंग बचाव दल चिलिमे और लांगटांग स्थित जलविद्युत परियोजनाओं में अपना अभियान जारी रखे हुए है।

 

एनडीआरआरएमए के अनुसार, भारत और चीन के विशेषज्ञ दल नेपाल के बचाव दलों की मदद कर रहे हैं। ये दल विभिन्न जलविद्युत परियोजना स्थलों पर मौजूद उन 933 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनसे 26 अगस्त से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें से कई लोगों के सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। माना जा रहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने या हिमस्खलन के कारण अचानक आयी बाढ़ ने भोटेकोशी नदी के आसपास भारी तबाही मचाई। बाढ़ में घर, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। भारतीय दूतावास ने बताया कि वह बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाए गए भारतीय नागरिकों की भारत वापसी में लगातार मदद कर रहा है।  
 

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