Edited By Tanuja,Updated: 30 Jan, 2026 12:07 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। यह कदम क्यूबा सरकार पर दबाव बढ़ाने और मेक्सिको जैसे देशों को उससे दूरी बनाने के लिए उठाया गया है। इससे क्षेत्रीय राजनीति और व्यापार तनाव बढ़ सकता है।
International Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को तेल बेचने या उपलब्ध कराने वाले देशों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस आदेश के तहत ऐसे देशों से अमेरिका आने वाले किसी भी सामान पर अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले को क्यूबा सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही यह कदम उन देशों के लिए चेतावनी माना जा रहा है, जो अब भी क्यूबा को ऊर्जा सहायता दे रहे हैं।
इस आदेश का सीधा असर मेक्सिको पर भी पड़ता दिख रहा है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने इस सप्ताह बताया कि उनकी सरकार ने क्यूबा को तेल की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला अमेरिका के दबाव में नहीं बल्कि मेक्सिको का एक “संप्रभु निर्णय” है।
इसके बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप लगातार मेक्सिको पर क्यूबा सरकार से दूरी बनाने का दबाव बना रहे हैं। ट्रंप प्रशासन क्यूबा की समाजवादी सरकार को लंबे समय से अमेरिका विरोधी नीति अपनाने वाला देश मानता रहा है और उसे आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस टैरिफ आदेश से न केवल क्यूबा की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, बल्कि लैटिन अमेरिका में अमेरिका-मेक्सिको संबंधों में भी तनाव बढ़ सकता है।