400 प्रवासी मजदूरों का वेतन रोकने वाले भारतीय पर शिकंजा, सिंगापुर लौटते ही कंपनी निदेशक का पासपोर्ट जब्त

Edited By Updated: 28 Jun, 2026 07:19 PM

indian national identified as director of companies that abandoned workers

सिंगापुर में भारतीय मूल के कंपनी निदेशक रामू पलानी वेलु, जिन पर भारत और बांग्लादेश के 400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों का कई महीनों का वेतन रोकने का आरोप है, देश लौट आए हैं। अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

International Desk: सिंगापुर में भारत और बांग्लादेश के 400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों का कई महीनों का वेतन नहीं देने के आरोपी भारतीय मूल के कंपनी निदेशक रामू पलानी वेलु (Ramu Palani Velu) सिंगापुर लौट आए हैं। सिंगापुर सरकार ने उनके लौटते ही पासपोर्ट जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है।रामू पलानी वेलु  एसके इंडस्ट्रीज (SK Industries), केपीए इंजीनियरिंग (KPA Engineering) और वीवीआर प्लांट इंजीनियरिंग (VVR Plant Engineering)   कंपनियों के निदेशक हैं । इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने भारत और बांग्लादेश से आए 400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों का कई महीनों का वेतन नहीं दिया। लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने के बाद प्रभावित श्रमिकों ने 22 जून को सिंगापुर के मानव संसाधन मंत्रालय (Ministry of Manpower) से संपर्क किया और बकाया वेतन दिलाने की मांग की।

 

फिलहाल इन श्रमिकों को एक मल्टी-फैसिलिटी सेंटर में ठहराया गया है, जहां उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सिंगापुर के मानव संसाधन राज्य मंत्री दिनेश वासु दास ने बताया कि आरोपी निदेशक अब सिंगापुर लौट आया है और उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है ताकि जांच पूरी होने तक वह देश छोड़कर न जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार अधिनियम (Employment Act) और विदेशी मानव संसाधन रोजगार अधिनियम (Employment of Foreign Manpower Act) का सख्ती से पालन कराएगी। मंत्री ने चेतावनी दी कि श्रमिकों का वेतन रोकने या श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

दिनेश वासु दास ने प्रभावित श्रमिकों से अपील की कि जिनका वेतन बकाया है, वे त्रिपक्षीय विवाद प्रबंधन (Tripartite Alliance for Dispute Management – TADM) से संपर्क करें, ताकि उनके वेतन संबंधी दावों पर शीघ्र कार्रवाई की जा सके। सिंगापुर के श्रम अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के आधार पर यह तय किया जाएगा कि आरोपी निदेशक और संबंधित कंपनियों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा उसकी प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  
 

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