इंदिरा गांधी के भतीजे बलतेज सिंह का काला साम्राज्य हुआ बेनकाब! सामने आई हत्यारे और करोड़ों के ड्रग तस्कर के पतन की पूरी कहानी

Edited By Updated: 30 Mar, 2026 11:13 AM

indira gandhi s nephew baltej singh s black empire exposed

न्यूजीलैंड के अपराध जगत से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आई है जिसने न केवल ड्रग तस्करी के काले कारोबार की पोल खोल दी है। साथ ही  इसका कनेक्शन भारत के इतिहास की एक बड़ी घटना से भी जुड़ा हुआ दिख रहा है। एक बड़े मीडिया हाउस 'स्टफ' ने अब उस चेहरे से पर्दा उठाया...

नेशनल डेस्क: न्यूजीलैंड के अपराध जगत से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आई है जिसने न केवल ड्रग तस्करी के काले कारोबार की पोल खोल दी है। साथ ही  इसका कनेक्शन भारत के इतिहास की एक बड़ी घटना से भी जुड़ा हुआ दिख रहा है। एक बड़े मीडिया हाउस 'स्टफ' ने अब उस चेहरे से पर्दा उठाया है, जिसने करीब 180 करोड़ रुपये (36 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर) का नशीला साम्राज्य खड़ा कर दिया था। यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह का भतीजा बलतेज सिंह है।


बलतेज सिंह को हुई 22 साल की जेल

बलतेज सिंह पर अब तक अदालत ने नाम छिपाने की सुरक्षा दे रखी थी, लेकिन शनिवार को उसने खुद ही अपनी पहचान गुप्त रखने की अर्जी वापस ले ली। इसके बाद यह खुलासा हुआ कि न्यूजीलैंड के इतिहास में मेथम्फेटामाइन (नशीला पदार्थ) की अब तक की सबसे बड़ी खेप, यानी 700 किलो से ज्यादा ड्रग्स मंगाने के पीछे इसी का हाथ था। बलतेज को इस जुर्म के लिए 22 साल की लंबी जेल की सजा सुनाई गई है।

ऐसे दिया हत्या को अंजाम
इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब मार्च 2023 में एक 21 साल के युवक की अनजाने में जान चली गई। उसने एक ऐसी कैन से ड्रिंक पिया था, जिसमें तरल नशीला पदार्थ मिला हुआ था। जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो ऑकलैंड के एक गोदाम से नशीली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। बलतेज सिंह का तरीका बेहद शातिर था; वह अमेरिका से आने वाले कोम्बुचा, भारत के नारियल पानी और कनाडा की बीयर के डिब्बों में नशा छिपाकर मंगाता था। लगभग 29,000 कैन के जरिए यह मौत का सामान देश में लाया जा रहा था।

हवाई अड्डे से गिरफ्तारी और फैमिली बैकग्राउंड
बलतेज सिंह को तब दबोचा गया जब वह ऑकलैंड एयरपोर्ट से दुबई भागने की फिराक में था। उसका परिवार सालों पहले न्यूजीलैंड में बस गया था। शुरुआत में उन्होंने ऑकलैंड में एक छोटी सी किराने की दुकान से काम शुरू किया और धीरे-धीरे काफी संपत्ति बना ली। हालांकि, बलतेज के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया था कि नाम उजागर होने से उसके परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, लेकिन दुनिया भर के मीडिया में यह मामला पहले ही उछल चुका था।

कनाडा और भारत के मीडिया ने 2023 से ही इस मामले पर नजर बना रखी थी, जिससे न्यूजीलैंड की अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का महत्व वैसे भी खत्म हो गया था। अब इस खुलासे ने न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है कि कैसे एक सामान्य दिखने वाला कारोबारी परिवार इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा बन गया।

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