जापान के बाद अब नेपाल ने दिखाए तेवर, भारतीय आमों के आयात पर लगाई रोक

Edited By Updated: 08 Jun, 2026 07:26 PM

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नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है। क्वारंटीन जांच में कुछ खेपों में कीटनाशकों के अवशेष निर्धारित सुरक्षा सीमा से अधिक पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए...

International Desk: दुनियाभर में अपनी मिठास के लिए मशहूर भारतीय आम अब विदेशी बाजारों में जांच के घेरे में आ गए हैं। जापान के बाद अब नेपाल ने भी भारतीय आमों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। Nepal ने भारत से आने वाले आमों के आयात पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, क्वारंटीन जांच के दौरान कुछ खेपों में कीटनाशकों के अवशेष निर्धारित सुरक्षा सीमा से अधिक पाए गए, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। इससे पहले  जापान ने कुछ दिन पहले  20 साल बाद  भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

 

रोक की वजह 
नेपाल के खाद्य सुरक्षा और क्वारंटीन अधिकारियों का कहना है कि हाल की जांच में कुछ आयातित आमों में कीटनाशक अवशेष (Pesticide Residues) अनुमत सीमा से अधिक पाए गए। इसी के चलते अधिकारियों ने  सीमा चौकियों पर जांच बढ़ा दी है। अधिक सख्ती से Maximum Residue Limit (MRL) मानकों को लागू करने का निर्णय लिया है।  अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। प्रतिबंध लागू होने से पहले लगभग  15.8 मीट्रिक टन आम  करीब 10 लाख नेपाली रुपए मूल्य  की खेप आधिकारिक सीमा चौकियों के माध्यम से नेपाल पहुंच चुकी थी। अब नई खेपों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है, जब तक कि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर संतोषजनक स्थिति नहीं बन जाती।

 

आयातित फलों की जांच और अधिक सख्ती से होगी
नेपाली अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला भारत-नेपाल व्यापार संबंधों को प्रभावित करने के उद्देश्य से नहीं लिया गया है। उनके अनुसार यह एक नियामक (Regulatory) कदम है, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और आयातित फलों की गुणवत्ता की निगरानी करना है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में सभी आयातित फलों की जांच और अधिक सख्ती से की जाएगी। नेपाल भारतीय फलों और सब्जियों का एक महत्वपूर्ण बाजार माना जाता है। ऐसे में आमों के आयात पर लगी अस्थायी रोक भारतीय निर्यातकों को प्रभावित कर सकती है। सीमा पार व्यापार पर अल्पकालिक असर डाल सकती है। आम उत्पादकों और व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो जाता है तो प्रतिबंध हटाया जा सकता है।

 

क्या है MRL?
अवशिष्ट की अधिकतम सीमा यानि Maximum Residue Limit (MRL) किसी खाद्य उत्पाद में कीटनाशक अवशेषों की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा होती है। यदि किसी फल या सब्जी में यह मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाती है, तो उसे स्वास्थ्य के लिए संभावित जोखिम माना जा सकता है और संबंधित देश आयात पर रोक या अतिरिक्त जांच लागू कर सकता है। नेपाल के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आगे की जांच और परीक्षण के बाद ही यह तय होगा कि भारतीय आमों के आयात पर लगी रोक कब तक जारी रहेगी।
  

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