Edited By Rohini Oberoi,Updated: 04 Jun, 2026 10:56 AM

ट्रेनों में लंबी दूरी का सफर करने वाले उन तमाम यात्रियों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर है जो सिर्फ खाने की खराब क्वालिटी के डर से घर से भारी-भरकम टिफिन लेकर चलते थे। भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) ने यात्रियों को ट्रेनों में ही शुद्ध,...
IRCTC AI Kitchen Monitoring System : ट्रेनों में लंबी दूरी का सफर करने वाले उन तमाम यात्रियों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर है जो सिर्फ खाने की खराब क्वालिटी के डर से घर से भारी-भरकम टिफिन लेकर चलते थे। भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) ने यात्रियों को ट्रेनों में ही शुद्ध, साफ-सुथरा और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने के लिए एक बेहद आधुनिक और बड़ा कदम उठाया है। अब देश भर की करीब 800 बेस किचन (रसोइयों) में खाना बनाने और साफ-सफाई की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को तैनात कर दिया गया है।
इसकी चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग के लिए दिल्ली स्थित आईआरसीटीसी मुख्यालय में एक हाई-टेक वार रूम भी बनाया गया है। आईआरसीटीसी ने देश भर की लगभग 800 रसोइयों में एआई मॉनिटरिंग सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। इन किचन में कुल 2,394 हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे वहां होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर दिन-रात नजर रखते हैं ताकि खाना बनाते समय स्वच्छता के मानकों से कोई समझौता न हो सके।
चूहे-मक्खी या कॉकरोच दिखने पर तुरंत बजेगा अलर्ट
एआई पर आधारित यह एडवांस सिस्टम खाने की शुद्धता और सफाई से जुड़ी 9 मुख्य चीजों की पहचान करने में सक्षम है। यह सिस्टम तुरंत पकड़ लेता है कि कर्मचारियों ने सिर पर हेयरनेट और हाथों में ग्लव्स (दस्ताने) पहने हैं या नहीं। फर्श की ठीक से पोछाई और किचन की नियमित सफाई हो रही है या नहीं। सबसे खास बात यह है कि अगर किचन में कोई चूहा, मक्खी, कॉकरोच या छोटा सा कीड़ा भी नजर आता है तो यह एआई सिस्टम तुरंत उसे डिटेक्ट कर अलार्म जनरेट कर देता है।
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लापरवाही पर लगेगा भारी जुर्माना
आईआरसीटीसी के सीएमडी (CMD) संजय जैन के अनुसार जैसे ही एआई सिस्टम को किचन में कोई भी गड़बड़ी या गंदगी नजर आती है वह संबंधित रसोई मैनेजर के मोबाइल पर तुरंत एक ऑटोमैटिक अलर्ट भेज देता है। यदि तय समय के भीतर उस समस्या को ठीक नहीं किया जाता तो यह शिकायत सीधे सीनियर अधिकारियों के पास पहुंच जाती है। आमतौर पर अलर्ट मिलने के दो घंटे के भीतर हर हाल में समस्या का समाधान कर दिया जाता है।

वहीं आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में आईआरसीटीसी ने यात्रियों को लगभग 60 करोड़ वक्त का भोजन परोसा है। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में रेलवे को भोजन की क्वालिटी को लेकर 19 हजार से अधिक शिकायतें भी मिली हैं जिन पर सख्त कार्रवाई करते हुए 3,137 मामलों में भारी जुर्माना वसूला गया है।
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बदलते मौसम की चुनौती से निपटेगा AI
आईआरसीटीसी के अधिकारियों का मानना है कि भारत में मौसम बदलने (जैसे भीषण गर्मी या उमस वाले मानसून) के दौरान खाने को खराब होने से बचाना और उसकी क्वालिटी बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे समय में अक्सर खाने से जुड़ी शिकायतें बढ़ जाती हैं लेकिन अब इस नई एआई तकनीक की मदद से यात्रियों तक हर मौसम में सुरक्षित, फ्रेश और हेल्दी खाना पहुंचाया जा सकेगा जिससे यात्रियों के सफर का अनुभव बेहद शानदार होगा।