Edited By Ramanjot,Updated: 16 Mar, 2026 04:09 PM

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 'डिजीज एक्स' को लेकर वैश्विक स्तर पर सतर्क रहने की सलाह दी है।
Disease X: दुनिया अभी कोरोना के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई है कि चिकित्सा जगत में एक नए शब्द 'Disease X' ने हलचल मचा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगली महामारी किसी ऐसे वायरस से आ सकती है जिसे अभी तक पहचाना भी नहीं गया है।
क्या है Disease X? डरावना नाम या वैज्ञानिक वास्तविकता?
Disease X कोई खोजी गई नई बीमारी नहीं है, बल्कि एक 'प्लेसहोल्डर' (Placeholder) नाम है। WHO ने 2018 में इस शब्द को अपनी प्राथमिकता वाली बीमारियों की सूची में शामिल किया था। इसका उद्देश्य उन अज्ञात रोगाणुओं (Pathogens) को संबोधित करना है जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय महामारी का कारण बन सकते हैं। ब्रिटेन के एनएचएस (NHS) से जुड़े डॉ. सूरज कुकाड़िया ने इसे एक "बड़ा सवाल" बताया है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा काल्पनिक वायरस है जिसके लिए वैज्ञानिकों को अभी से तैयारी करनी होगी ताकि कोविड जैसी स्थिति दोबारा न बने।
कैसे फैल सकती है यह बीमारी?
विशेषज्ञों ने Disease X के संभावित प्रसार को लेकर तीन प्रमुख बिंदु बताए हैं:
वायरल संक्रमण: वायरस अपनी तेजी से म्यूटेट होने की क्षमता के कारण सबसे बड़े संदिग्ध हैं।
श्वसन मार्ग (Respiratory Path): खांसने, छींकने या हवा के जरिए इसके फैलने की आशंका सबसे अधिक है।
जूनोटिक खतरा (Zoonotic Link): इबोला और सार्स की तरह, यह जानवरों से इंसानों में छलांग लगाने वाला कोई नया वायरस हो सकता है।
क्या दुनिया अगले खतरे के लिए तैयार है?
कोविड-19 ने वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे की कमियों को उजागर किया था। हालांकि अब वैक्सीन निर्माण की तकनीक (जैसे mRNA) तेज हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 'सरप्राइज अटैक' से बचने के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है।