Edited By Radhika,Updated: 11 May, 2026 04:34 PM

ग्लोबल लेवल पर 'हंटावायरस' (Hantavirus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए भारत सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी तरह अलर्ट हो गया है। स्पेन जा रहे 'एमवी होडियंस' क्रूज शिप पर वायरस के आउटब्रेक और उससे हुई मौतों के बाद भारत...
Hantavirus Alert: ग्लोबल लेवल पर 'हंटावायरस' (Hantavirus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए भारत सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी तरह अलर्ट हो गया है। स्पेन जा रहे 'एमवी होडियंस' क्रूज शिप पर वायरस के आउटब्रेक और उससे हुई मौतों के बाद भारत ने अपनी बायोसर्विलांस प्रणाली (Biosurveillance System) को एक्टिव कर दिया है।
भारत क्यों है अलर्ट पर?
जानकारी के लिए बता दें कि क्रूज शिप पर भारतीय नागरिकों की मौजूदगी ने टेंशन बढ़ा दी है। स्पेन में स्थित Indian Embassy ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार दो भारतीयों को नीदरलैंड्स में 45 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया है। दोनों भारतीयों में कोई लक्षण नजर नहीं आया, लेकिन फिर भी उन्हें निगरानी में रखा गया है।
ICMR ने एक्टिव किए 165 लैब
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानि की ICMR इस संभावित खतरे से निपटने के लिए ने देश भर में मौजूद अपनी 165 वायरस रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैब (VRDL) को अलर्ट कर दिया है। यदि विदेश से आने वाले किसी यात्री में लक्षण मिलते हैं, तो इन लैब में तुरंत जांच की जाएगी। कोरोना की तरह हंटावायरस की पहचान भी आरटी-पीसीआर टेस्ट के जरिए की जाएगी, जो वायरस के जेनेटिक मटेरियल (RNA) को पकड़ लेता है।

ऐसे फैलता है ये वायरस
आम तौर पर हंटावायरस संक्रमित चूहों के मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। इसका ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन (इंसान से इंसान में फैलना) नहीं होता। लेकिन, वैज्ञानिक इसके Andes Strain को लेकर बेहद चिंतित हैं, क्योंकि यह स्ट्रेन एक इंसान से दूसरे में फैल सकता है। इसके चलते WHO ने वैश्विक अलर्ट जारी किया है।
हंटावायरस के मुख्य लक्षण
- तेज बुखार और सिरदर्द
- मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द
- पेट में दर्द, उल्टी या मतली (जी मिचलाना)
- सांस लेने में तकलीफ (गंभीर स्थिति में)
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में फिलहाल हंटावायरस का कोई मामला नहीं है, लेकिन सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। विदेशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और संदिग्धों की तुरंत जांच से इस वायरस को देश में प्रवेश करने से रोका जा सकता है।