ITR Refund Delay: क्यों रुका है आपका पैसा? राज्यसभा में सरकार ने खोला 24.6 लाख पेंडिंग रिफंड का राज

Edited By Updated: 11 Feb, 2026 03:08 PM

itr refund delay over 24 lakh returns stuck beyond 90 days

अगर आप भी उन टैक्सपेयर्स में शामिल हैं जिनका इनकम टैक्स रिफंड महीनों बाद भी बैंक खाते में नहीं आया है, तो इसकी वजह आपका कोई अधूरा डेटा या विभाग की 'बारीक नजर' हो सकती है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में स्वीकार किया है कि असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए...

Income Tax Refund: अगर आप भी उन टैक्सपेयर्स में शामिल हैं जिनका इनकम टैक्स रिफंड महीनों बाद भी बैंक खाते में नहीं आया है, तो इसकी वजह आपका कोई अधूरा डेटा या विभाग की 'बारीक नजर' हो सकती है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में स्वीकार किया है कि असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए करीब 24.64 लाख इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) पिछले 90 दिनों से भी अधिक समय से प्रोसेसिंग में लटके हुए हैं।

क्यों हो रही है देरी? 

संसदीय कार्य राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि आयकर विभाग एक विशेष अभियान 'नज' (Non-Intrusive Usage of Data to Guide and Enable) चला रहा है। इस कैंपेन का मकसद करदाताओं को डराना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी गलतियां सुधारने के लिए प्रेरित करना है। विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर उन रिटर्न की पहचान कर रहा है जिनमें विसंगतियां हैं।

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रिफंड फंसने के मुख्य कारण:

  • विदेशी संपत्ति का खुलासा न करना: यदि आपने विदेश में अपनी कमाई या प्रॉपर्टी की जानकारी छिपाई है।

  • गलत कटौती के दावे: धारा 80G (दान), 80GGC (चुनावी चंदा) और 80E (एजुकेशन लोन) के तहत संदिग्ध या गलत दावे।

  • आय का अंतर: आपके द्वारा घोषित आय और विभाग के पास मौजूद डेटा (AIS/TIS) में मेल न होना।

SAKSHAM सिस्टम से हो रही है निगरानी

विभाग अब सक्षम नामक एक आधुनिक तकनीकी ढांचे का उपयोग कर रहा है। यह सिस्टम 7 चरणों (संकलन से मूल्यांकन तक) में काम करता है। यह विभिन्न स्रोतों से आपके खर्च और निवेश का डेटा जुटाता है और रिटर्न के साथ उसका मिलान करता है। सरकार के मुताबिक, इस सख्ती का असर यह हुआ कि पिछले दो वर्षों में 1.11 करोड़ लोगों ने खुद अपनी गलतियां सुधारीं, जिससे सरकारी खजाने में करीब ₹8,810 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व आया।

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बुजुर्गों को राहत नहीं

सीनियर सिटीजंस के लिए फिलहाल कोई अलग से 'फास्ट ट्रैक' रिफंड योजना नहीं है। उन्हें भी उसी जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार ने सलाह दी है कि करदाता अपने ईमेल और इनकम टैक्स पोर्टल को नियमित रूप से चेक करें। यदि विभाग ने कोई 'डिफेक्टिव रिटर्न' का नोटिस भेजा है या सुधार (Revision) की सलाह दी है, तो उस पर तुरंत प्रतिक्रिया दें।

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