महंगे इलाज से राहत! अब कम खर्च में हो जाएगा ब्रेस्ट कैंसर का Treatment, जानें कितनी लगेगी लागत?

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 08:56 AM

jabalpur s cheap for cancer treatment is number 1 in the country

चिकित्सा के क्षेत्र में जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसने देश के बड़े-बड़े कॉरपोरेट अस्पतालों और AIIMS जैसे संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है। यहाँ के डॉक्टरों ने ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) की महंगी जांच और...

Breast cancer treatment : चिकित्सा के क्षेत्र में जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसने देश के बड़े-बड़े कॉरपोरेट अस्पतालों और AIIMS जैसे संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है। यहां के डॉक्टरों ने ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) की महंगी जांच और सर्जरी को इतना सस्ता और सुलभ बना दिया है कि अब गरीब से गरीब मरीज भी विश्वस्तरीय इलाज पा सकेगा।

महंगी विदेशी डिवाइस का देसी तोड़: ₹100 में बायोप्सी

आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली 'सेंटीनल लिम्फ नोड बायोप्सी' काफी खर्चीली होती है। बड़े अस्पतालों में इसकी लागत 20 से 30 हजार रुपये तक आती है लेकिन जबलपुर के विशेषज्ञों ने कई शोध के बाद 'मेथिलीन ब्लू डाई' का उपयोग कर इसे मात्र 100 रुपये से भी कम में सुलभ कर दिया है। जिस जांच पर पहले 4,000 रुपये खर्च होते थे वह अब ₹100 के अंदर हो रही है। इस तकनीक से हाथ की सूजन का जोखिम कम होता है और मरीज बहुत जल्दी सामान्य जीवन में लौट आता है।

स्तन बचाने में मिली कामयाबी

पहले स्तन कैंसर होने पर शरीर का वह हिस्सा पूरी तरह हटाना पड़ता था जिससे महिलाएं मानसिक तनाव में आ जाती थीं। अब मेडिकल कॉलेज में 'ऑन्को प्लास्टिक ब्रेस्ट सर्जरी' शुरू की गई है। इस एडवांस तकनीक की मदद से कैंसर का इलाज भी हो रहा है और महिलाओं का स्तन भी सुरक्षित बचाया जा रहा है।

देशभर में मिला बेस्ट प्रजेंटेशन अवॉर्ड

डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में आयोजित 'बेस्ट टेक-2026' सम्मेलन में जबलपुर के इस मॉडल को देशभर में सर्वश्रेष्ठ चुना गया। कैंसर सर्जन डॉ. संजय यादव ने बताया कि उन्होंने महंगे विदेशी उपकरणों की जगह कम लागत वाले क्लिप और डाई का उपयोग कर विश्वस्तरीय तकनीक विकसित की है। इस उपलब्धि के लिए विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ति बाला शर्मा और डॉ. संजय यादव की टीम को सम्मानित किया गया।

चिकित्सा में नैतिकता की मिसाल: एथिक्सकॉन-2026

जबलपुर में ही आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन 'एथिक्सकॉन-2026' में डॉक्टरों ने चिकित्सा पेशे में पारदर्शिता और ईमानदारी पर जोर दिया। पद्मश्री डॉ. एमसी डाबर की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि मरीजों की गोपनीयता और सम्मान बनाए रखना ही एक डॉक्टर का असली धर्म है। इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र के कई दिग्गज मौजूद रहे और पूर्व अध्यक्षों को सम्मानित किया गया।

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