ईरान की 5 खाड़ी देशों को खरी-खरीः आपके कारण युद्ध में बहुत नुकसान हुआ, “अब हर्जाना भी तुम भरो”

Edited By Updated: 14 Apr, 2026 04:28 PM

iran demands reparations from 5 arab nations for enabling us israeli

अमेरिका के साथ संघर्ष के बाद ईरान ने सऊदी अरब, यूएई समेत पांच मुस्लिम देशों पर युद्ध में मदद का आरोप लगाया है और उनसे हर्जाना मांगा है। ईरान का दावा है कि उसकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है, जिसे ठीक करने में 12 साल लग सकते हैं।

International Desk: ईरान ने अमेरिका के साथ हालिया संघर्ष के बाद अपने पड़ोसी खाड़ी देशों पर बड़ा आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने कहा कि बहरीन, सऊदी अरब, कतर, यूएई और जॉर्डन ने युद्ध के दौरान अमेरिका और इज़राइल की मदद की, इसलिए अब उन्हें युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।ईरान का आरोप है कि इन देशों ने अपने एयरस्पेस और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी, जिससे ईरान पर हमले संभव हुए। उनके मुताबिक, इससे ईरान की संपत्ति और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा और अब इन देशों को पुनर्निर्माण का खर्च उठाना चाहिए।

 

यह बयान ऐसे समय आया है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई। इस वार्ता में ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance शामिल थे। हालांकि परमाणु मुद्दा और Strait of Hormuz पर नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने भी साफ कहा है कि मुआवजे की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा। उनका कहना है कि ईरान के लोगों को हुए नुकसान की भरपाई उनका अधिकार है और जिन देशों ने इस युद्ध को बढ़ावा दिया, वे इसकी कीमत से बच नहीं सकते।

 

इस बीच, ईरान के केंद्रीय बैंक ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि युद्ध के कारण देश की अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगा है। तेल रिफाइनरी और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान के चलते अर्थव्यवस्था को पूरी तरह संभलने में 12 साल से ज्यादा का समय लग सकता है। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर औद्योगिक सप्लाई में कमी जारी रही, तो महंगाई 180% तक बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। फिलहाल, जिन खाड़ी देशों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस बयान से साफ है कि क्षेत्र में तनाव अभी और बढ़ सकता है।

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